Indore Lit Fest 2022: कला, साहित्‍य और संगीत की सभाओं से सजेगा इंदौर लिट फेस्‍ट, देशभर से कई हस्‍तियां करेंगी शिरकत

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Last Updated: बुधवार, 23 नवंबर 2022 (17:59 IST)
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  • इंदौर में 25, 26 और 27 नवंबर को आयोजित होगा लिटरेचर फेस्‍ट‍िवल
  • इंदौर लिट फेस्‍ट में कवि, लेखक और कलाकारों के विचारों पर होगी देशभर की नजर
  • शहर के डेली कॉलेज में होंगी कई साहित्‍यिक विमर्श और संगीत की सभाएं
  • सुरेंद्र मोहन पाठक, दिप्‍ति नवल, अन्‍नू कपूर, मामे खां और पूजा गायतोंडे समेत कई ख्‍यात हस्‍त्‍ियां करेंगी शिरकत
इंदौर, इंदौर में एक बार फिर से साहित्‍य, परिचर्चा, विमर्श और संगीत की सभा गुलजार होने वाली है। इंदौर लिटरेचर फेस्‍टिवल के नाम से होने वाला यह साहित्‍यिक और सांस्‍कृतिक उत्‍सव हैलो हिन्‍दुस्‍तान के तत्‍वधान में होने जा रहा है। 25, 26 और 27 नवंबर को तीन दिनों के लिए शहर के डेली कॉलेज में आयोजित हो रहे इस साहित्‍य उत्‍सव में कविता, कहानी, संगीत, नृत्‍य और लेखन की अलग अलग विधाओं की हस्‍तियां शिरकत कर अपनी प्रस्‍तुति देंगी।

ये होंगे आकर्षण का केंद्र
यह सारे आयोजन शहर के प्रतिष्‍ठित डेली कॉलेज के अंबानी ऑडिटोरियम और लेकसाइड लॉन में आयोजित होंगे। इस दौरान वैसे तो इंदौर लिट फेस्‍ट में साहित्‍य से संबंधित सभी सत्रों का श्रोताओं को इंतजार रहेगा, लेकिन इस बार अभिनेत्री दिप्‍ति नवल का सत्र, अन्‍नू कपूर की म्‍यूजिकल शाम, पूजा गायतोंडे की गजल प्रस्‍तुति और लोक गायक मामे खान की प्रस्‍तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी।

ये हस्‍तियां करेंगी शिरकत
हैलो हिंदुस्‍तान के प्रमुख और इस साहित्‍य उत्‍सव के सूत्रधार प्रवीण शर्मा ने वेबदुनिया को बताया कि इस तीन दिवसीय उत्‍सव में फिल्‍म, साहित्‍य और संगीत से जुड़ी जो हस्‍तियां शामिल हो रही हैं उनमें खासतौर से दुर्जोय दत्‍ता, देवदत्‍त पटनायक, जे साई दीपक, दीप्‍ति नवल, अश्‍विन सांघी, लीलाधर जगूडी, अरुण कमल, गगल गिल, सुरेंद्र मोहन पाठक, अन्‍नू कपूर, मामे खान, पूजा गायतोंडे, वंदना राग, भैरवी जानी, उर्मिला शिरीष, अजीत राय, गरिमा श्रीवास्‍तव, गौरी दि्वेदी और संतोष कुमार हैं।

आयोजन पर देशभर की नजर
साहित्‍य समागम के आयोजक
प्रवीण शर्मा
ने
बताया कि हम हर बार कुछ नया करने की कोशि‍श करते हैं, यही वजह है कि इसकी लोकप्रियता साल दर साल बढ़ती जा रही है। इस बार भी हमने अतिथि‍, लेखक, कवियों और संगीतकारों में नयापन रखने की कोशि‍श की है। कविता से लेकर संगीत में गजल तक और कला से लेकर उसके विमर्श तक को सत्रों में शामिल किया है।

उम्‍मीद है कि हम शहरवासियों को इस अनोखेपन से उत्‍साहित कर सकेंगे। उन्‍होंने बताया कि जिस तरह के विषयों और मुद्दों पर इस साहित्‍य उत्‍सव में हम चर्चा करवाते हैं, उन पर देशभर की नजर होती है।
Edited: By Navin Rangiyal



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