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अब बगलामुखी में करोड़ों की दान चोरी, निजी खातों में गया चढ़ावा, 3 सदस्यीय जांच समिति करेगी पड़ताल
देश में अयोध्या के राम मंदिर दान चोरी का मामला चल रहा है। इस मामले को लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं, वहीं इस बीच मध्यप्रदेश के करोड़ों के दान वाले मंदिरों में भी दान के गबन और चंदा चोरी का मामला सामने आया है। दरअसल, आगर मालवा के बगलामुखी शक्तिपीठ मंदिर में दान चोरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि मंदिर में करोड़ों की धनराशि और गहनों के गबन का हुआ है। इस मामले में कलेक्टर ने 3 सदस्य जांच दल बनाकर मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
बगलामुखी मंदिर परिसर में एक गैर सरकारी संगठन ने बिना आधिकारिक मंजूरी के पूजा के लिए यज्ञ-हवन और दान की समानांतर व्यवस्था कर रखी थी। इसके लिए बाकायदा रसीद काटने से लेकर दान प्राप्त करने के लिए निजी बैंक अकाउंट और गबन की सारी व्यवस्थाएं की गई थी। इस मामले की शिकायत आगर मालवा कलेक्टर प्रीति यादव से की गई। जिसके बाद कलेक्टर ने मंगलवार को एक तीन-सदस्यीय जांच समिति बनाकर पूरे मामले की बारीकी से जांच के आदेश दिए हैं।
बता दें कि समिति उन शिकायतों की जांच करेगी, जिनमें कहा गया है कि 2024 से मंदिर के अंदर एक प्राइवेट कमेटी काम कर रही है। वह बिना किसी कानूनी अधिकार के अपनी रसीदें जारी करके दान ले रही है। कलेक्टर प्रीति यादव ने बताया कि साल 2024 से मंदिर में सक्रिय इस संस्था ने डोनेशन स्लिप के तौर पर रसीद बुक छपवाई और मंदिर परिसर के अंदर भक्तों से नकद, सोना और चांदी के गहने इकट्ठा करने के लिए इनका इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं रसीदों पर एक प्राइवेट बैंक का अकाउंट नंबर और कई मोबाइल नंबर लिखे हुए हैं।
बता दें कि बगलामुखी मंदिर की व्यवस्था फिलहाल आगर मालवा जिला प्रशासन के अधीन एक आधिकारिक प्रबंध समिति के जिम्मे है। जो मंदिर की पूजा प्रक्रिया और परिसर की व्यवस्थाओं का कामकाज देखती है। इसके प्रमुख नलखेड़ा एसडीएम होते हैं। इसके अलावा मंदिर में न तो किसी प्राइवेट संस्था को दान या गहने इकट्ठे करने की कोई अनुमति है, ना ही ऐसा कोई प्रावधान है। फिर भी इस संस्था ने पिछले दो सालों से अनधिकृत तौर पर लाखों रुपए की कीमत का कैश और सोने-चांदी के गहने इकट्ठा किए और निजी बैंक खातों में जमा करवा लिए।
