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लोको पायलट ने समोसे के लिए रोकी ट्रेन, लोग बोले- अक्सर ऐसा होता है, रेल विभाग ने बैठाई जांच

Loco pilot
इंदौर में एक हैरान करने वाला और दिलचस्‍प मामला सामने आया है। यहां इंदौर और महू के बीच चलने वाली ट्रेन के लोको पायलट सोशल मीडिया में वायरल है।

दरअसल एक लोको पायलट ट्रेन को बीच में रोक कर एक रेस्‍टोरेंट से समोसे खरीद रहा है, जब तक वो समोसे लेकर वापस इंजन के पास आता है, तब तक लोग इंतजार करते हैं और ट्रेन रूकी रहती है। यह वाकया सामने आने के बाद लोगों का कहना है कि यह तो रोज का ही है।

रोज लोको पायलट ट्रेन रोककर समोसे खरीदता है। ड्राइवर के इस 'समोसा ब्रेक' के कारण ट्रेन को हर दिन करीब 10 मिनट का अतिरिक्त समय लगता है। लोगों का कहना है कि लोको पायलटों का यह हर दिन का हो गया है।

इस बार इसका वीडियो वायरल हो गया : यह लोको पायलट समोसे खरीदने के लिए ट्रेन को ही रोक दिया और ट्रैक पर खड़ी करके बिना किसी हिचकिचाहट के सीधे दुकान पर चला गया। इस दौरान ट्रेन में बैठे यात्री ट्रेन चलने का इंतजार करते रहे। समोसे की दुकान के पास मौजूद लोग भी यह नजारा देखकर अचंभित रह गए। लोको पायलट आराम से समोसे खरीदकर ट्रेन में पहुंचा, फिर गंतव्य के लिए ट्रेन को रवाना किया। अब वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे ने भी संज्ञान लिया है।


रोज का नाटक है लोको पायलट का : यह वाकया महू और इंदौर के बीच राऊ (Rau) के रंगवासा रोड पर यह घटना अक्सर देखी जा रहा है। ट्रेन का ड्राइवर ड्यूटी के दौरान चलती ट्रेन को पटरी पर ही रोक देता है। ट्रेन रुकते ही लोको पायलट नीचे उतरता है और पास की दुकान से गरमा-गरम समोसे खरीदकर वापस ट्रेन में सवार होता है। इन हरकतों से ट्रेन लगभग 10 मिनट तक ट्रैक पर खड़ी रहती है और यात्री सिर्फ यह सोचते रहते हैं कि लोको पायलट कब समोसे खरीदे और फिर ट्रेन वहां से रवाना हो। दुकान के आसपास के लोगों का कहना है कि डेमू ट्रेन के लोको पायलट का यह काम रोजाना का हो गया है।

विभाग जांच बैठाई : मामला सामने आने के बाद रेलवे ने लोको पायलट के खिलाफ जांच शुरू की है। बताया जा रहा है कि अगर इस पूरे प्रकरण में जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लेखक के बारे में
नवीन रांगियाल
नवीन रांगियाल DAVV Indore से जर्नलिज्‍म में मास्‍टर हैं। वे इंदौर, भोपाल, मुंबई, नागपुर और देवास आदि शहरों में दैनिक भास्‍कर, नईदुनिया, लोकमत और प्रजातंत्र जैसे राष्‍ट्रीय अखबारों में काम कर चुके हैं। करीब 15 साल प्रिंट मीडिया में काम करते हुए उन्‍हें फिल्‍ड रिपोर्टिंग का अच्‍छा-खासा अनुभव है। उन्‍होंने अखबार.... और पढ़ें