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इंदौर कलेक्टर की सख्ती के बाद 100 प्रतिशत काम पूरा करने का दावा

Action taken against 13 officers after Indore collector strictness
कलेक्टर द्वारा चलाए गए विशेष महाभियान के बाद 31 मई के पूर्व के लंबित नामांतरण, सीमांकन और बंटांकन के प्रकरणों को खंगाला जा रहा है। हाल ही में अधिकारियों ने कलेक्टर की सख्ती के बाद 100 प्रतिशत काम पूरा करने का दावा किया है, जिसकी जांच अब आवेदकों के आवेदन के माध्यम से की जा रही है। शिकायत के लिए जारी किए गए नंबर पर अब तक सिर्फ चार शिकायतें दर्ज हुई हैं। इनमें दो शिकायतें राऊ, एक कनाड़िया और एक अन्य विभाग तक पहुंची है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह सभी शिकायतें समयसीमा के बाहर की नहीं हैं और इनकी विस्तृत जांच की जा रही है

कलेक्टर के सख्त निर्देश जारी होने के बाद सभी राजस्व अधिकारियों ने एड़ी-चोटी का जोर लगाकर जिले में 31 मई के पहले के आवेदनों का पूरी तरह से निराकरण कर दिया है। उनके इस दावे की अब जांच प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हालांकि 6 दिन बीतने के बावजूद कलेक्टर कार्यालय में कोई भी शिकायती आवेदन नहीं पहुंचा है। अधिकारी जहां शिकायत कॉल का इंतजार कर रहे हैं, वहीं कलेक्टर कार्यालय में स्थापित हेल्प डेस्क पर भी आवेदकों की मौजूदगी नहीं दिखी। जनसुनवाई में केवल एक सीमांकन नहीं होने की शिकायत पहुंची, जिसकी जांच की जा रही है।

तो शिकायत दर्ज कराएं : 16 जून से 31 जुलाई तक चलाए गए विशेष राजस्व अभियान से किसानों और भू-स्वामियों को बड़ी राहत मिली है। जनसुनवाई में अब आवेदकों की संख्या में गिरावट देखने को मिल रही है। कलेक्टर आशीष सिंह ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी के 31 मई के पूर्व के प्रकरण लंबित हैं, तो वे उसकी शिकायत की पावती या RCMIS प्रकरण क्रमांक के साथ कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं या कॉल सेंटर नंबर 0755-2840621 पर जानकारी दें। लिखित में आवेदन कक्ष क्रमांक G-12A में लिए जा रहे हैं। सही शिकायत पर 5000 का इनाम भी मिलेगा और संबंधित राजस्व अधिकारी से वसूली की जाएगी। हालांकि, कुछ आवेदक कॉल कर इनाम की बजाय सिर्फ अपना काम करवा देने की गुजारिश कर रहे हैं।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समयसीमा में आवेदन निराकृत न करने पर 13 अधिकारियों-कर्मचारियों पर पेनल्टी लगाई गई है। इनमें 9 नायब तहसीलदार, तहसीलदार और 4 ग्राम पंचायत सचिव शामिल हैं। नायब तहसीलदार सांवेर पर 14, खुड़ैल पर 4, मानपुर, मल्हारगंज और गौतमपुरा पर तीन-तीन, बड़ा बांगड़दा पर दो प्रकरणों में पेनल्टी लगाई गई है। तहसीलदार खुड़ैल, कनाड़िया और नायब तहसीलदार बेटमा पर एक-एक प्रकरण में जुर्माना लगाया गया। साथ ही सैंडल, कालीबिलौद, बाई और बरलई जागीर ग्राम पंचायतों के सचिवों पर भी एक-एक प्रकरण में पेनल्टी लगाई गई है। इन सभी से प्रति प्रकरण 250 के हिसाब से वसूली की जाएगी।
Edited By: Navin Rangiyal 
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