sundarkand

राम नवमी पर क्या क्या बनाएं, जानें 10 पारंपरिक भोग

भगवान राम के जन्मोत्सव पर अर्पित करें उनके प्रिय नैवेद्य का भोग

Written By WD Feature Desk
Updated: शनिवार, 5 अप्रैल 2025 (13:56 IST)
10 Bhogals of Ram Navami: राम नवमी भगवान राम के जन्मोत्सव का पावन दिन है। इस दिन भगवान राम की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और उन्हें विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित किए जाते हैं। यहां 10 पारंपरिक और प्रिय भोग की विधियां दी गई हैं जिन्हें आप रामनवमी पर बना सकते हैं:
 
1. पंजीरी (Dhaniya Panjiri): यह भगवान राम का सबसे प्रिय भोग माना जाता है।
सामग्री: 1 कप धनिया पाउडर, 1/2 कप घी, 1/2 कप पिसी चीनी (बूरा), 1/4 कप कटे हुए मेवे (बादाम, काजू, किशमिश), 1/2 छोटा चम्मच इलायची पाउडर।
विधि: कढ़ाई में घी गरम करें। धनिया पाउडर डालकर धीमी आंच पर सुनहरा होने तक भूनें। आंच बंद कर दें और पिसी चीनी, मेवे और इलायची पाउडर मिलाकर ठंडा होने दें।
 
2. खीर (Kheer): चावल की मीठी खीर हर शुभ अवसर पर बनाई जाती है।
सामग्री: 1/2 कप चावल, 1 लीटर दूध, 1/2 कप चीनी (स्वादानुसार), 4-5 इलायची कुटी हुई, 8-10 किशमिश, 8-10 कटे हुए बादाम और काजू, केसर के कुछ धागे (गरम दूध में भिगोए हुए)।
विधि: चावल धोकर 1 घंटे के लिए भिगो दें। दूध को भारी तले वाले बर्तन में उबालें। भीगे हुए चावल डालकर धीमी आंच पर गाढ़ा होने तक पकाएं। चीनी, इलायची, मेवे और केसर डालकर मिलाएं। थोड़ी देर और पकाकर ठंडा करें।
 
3. हलवा (Halwa): सूजी या आटे का हलवा भी भोग के लिए उत्तम है।
सामग्री (सूजी का हलवा): 1 कप सूजी, 1 कप चीनी, 1 कप घी, 3 कप पानी, 1/2 छोटा चम्मच इलायची पाउडर, कटे हुए मेवे।
विधि: पानी उबालकर उसमें चीनी डालकर चाशनी बना लें। कढ़ाई में घी गरम करें और सूजी को धीमी आंच पर सुनहरा होने तक भूनें। चाशनी धीरे-धीरे सूजी में डालते हुए लगातार चलाते रहें ताकि गुठलियां न पड़ें। इलायची पाउडर और मेवे डालकर मिलाएं। घी छोड़ने तक पकाएं।
 
4. लड्डू (Laddu): बेसन या मोतीचूर के लड्डू भी भगवान राम को अर्पित किए जा सकते हैं।
सामग्री (बेसन के लड्डू): 1 कप बेसन, 1/2 कप घी, 1/2 कप पिसी चीनी, 1/4 छोटा चम्मच इलायची पाउडर, कटे हुए मेवे।
विधि: कढ़ाई में घी गरम करें और बेसन डालकर धीमी आंच पर सुनहरा होने तक भूनें। आंच बंद कर दें और पिसी चीनी, इलायची पाउडर और मेवे मिलाकर लड्डू बना लें।
 
5. बर्फी (Barfi): दूध या खोए की बर्फी भी भोग के लिए अच्छी है।
सामग्री (खोए की बर्फी): 250 ग्राम खोया (मावा), 100 ग्राम चीनी, 1/4 छोटा चम्मच इलायची पाउडर, कटे हुए मेवे।
विधि: कढ़ाई में खोया डालकर धीमी आंच पर भूनें। चीनी डालकर मिलाएं और पिघलने तक पकाएं। इलायची पाउडर और मेवे डालकर मिलाएं। चिकनी थाली में मिश्रण फैलाकर ठंडा होने दें और मनचाहे आकार में काट लें।
 
6. पंचामृत (Panchamrit): यह पांच पवित्र पदार्थों (दूध, दही, घी, शहद, चीनी) का मिश्रण होता है।
सामग्री: 1 कप दूध, 1/2 कप दही, 1 चम्मच घी, 1 चम्मच शहद, 1 चम्मच चीनी, कुछ तुलसी के पत्ते।
विधि: सभी सामग्री को एक साथ मिलाएं और भगवान राम को अर्पित करें।
 
7. मेवे (Dry Fruits): सूखे मेवे जैसे बादाम, काजू, किशमिश, मखाने आदि भी भोग में शामिल करें।
 
8. रामदाना की खीर (Ramdana Kheer): व्रत रखने वालों के लिए यह पौष्टिक और स्वादिष्ट भोग है।
सामग्री: 1/2 कप रामदाना (अमरनाथ के बीज, राजगिरा), 1 लीटर दूध, 1/4 कप चीनी (स्वादानुसार), 4-5 इलायची कुटी हुई, कटे हुए मेवे।
विधि: रामदाना को हल्का भून लें। दूध उबालें और उसमें रामदाना डालकर धीमी आंच पर गाढ़ा होने तक पकाएं। चीनी और इलायची डालकर मिलाएं। मेवे से सजाकर परोसें।
 
9. फल (Fruits): ताजे फल जैसे केला, सेब, अनार, आम आदि भगवान राम को अर्पित करें।
 
10. मिश्री और बताशे (Mishri and Batashe): ये पारंपरिक रूप से भगवान राम को अर्पित किए जाते हैं।
 
नोट: इन भोगों को बनाते समय स्वच्छता का ध्यान रखें तथा राम नाम के मंत्र का जाप करते रहे और प्रेम भाव से भगवान राम को अर्पित करें। 
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

लोकतंत्र की पहली पाठशाला: छात्रसंघ चुनावों की वापसी क्यों जरूरी? जानें युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी

गरीबी चुराने कोई नहीं आता!

9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस: जानिए इतिहास और इसका महत्व

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर निबंध: जानें भारत की आजादी का इतिहास और महत्व

तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब ने किया त्रिपक्षीय सैन्य समझौता

अगला लेख