0

स्वाधीनता की अग्नि परीक्षा

सोमवार,अगस्त 15, 2011
0
1
15 अगस्त 2011 की सूर्योदय स्थिति के समय कुंडली के ग्रहों के अनुसार इस वर्ष भारत की प्रतिष्ठा बढ़ेगी। बुध एवं शुक्र की युति भारत के संबंध दूसरे देशों से सुधारने वाली रहेगी। राहु की स्थिति विपरीत घटनाक्रम को जन्म देने वाली हो सकती है। शनि एवं अन्य ...
1
2
64 वर्षों में एक व्यक्ति कार्यशील जीवन का दो तिहाई हिस्सा समाप्त कर चुका होता है। तो एक बार जरूर विचार करें कि आजादी के इन 64 वर्षों में हमने क्या खोया? क्या पाया?
2
3

वरदान वन्दे मातरम्

गुरुवार,अगस्त 11, 2011
चेतना विश्वास का वरदान वन्दे मातरम्। तिमिर से संघर्ष का ऐलान वन्दे मातरम्। गूंज से जिसकी धरा जागी, गगन गुंजित हुआ जागरण का गीत गौरव गान वन्दे मातरम्। गीत यह सुनकर क्षितिज ने रश्मियों के द्वार खोले नींद से जगकर, चहक कर, पंछियों ने पंख तोले।गहन तम में ...
3
4

अपना प्यारा हिन्दुस्तान

गुरुवार,अगस्त 11, 2011
इस महान भारत की संस्कृति का यह गौरव गान है। न्याय-नीति का पालक अपना प्यारा हिन्दुस्तान है।। जहाँ सृष्टि निर्माण हुआ था वर्ष करोड़ों पहले,भारत के ज्ञानी विज्ञानी थे नहले पर दहले,शून्य, शब्द, आकाश अंक से परिचित किया जगत को,आगत की कल्पना हुई, माना आधार ...
4
4
5

नमन तुमको देश मेरा

गुरुवार,अगस्त 11, 2011
सूर्य चंदा और तारे के सुखद मनहर नजारे हैं सजाते देश को नित स्वर्ण किरणों के सहारे,गोधुली जिसकी सुहानी सुखद है जिसका सवेरा नमन तुमको देश मेरा। अहा! पर्वत और घाटी धन्य अपनी धूल माटी अर्चना में लिप्त जिसकी वेद मंत्रों के सुपाठी,देवताओं की धरा यह ...
5
6

जन गण मन का 'शताब्दी वर्ष'

गुरुवार,अगस्त 11, 2011
राष्ट्रगीत हो या राष्ट्रध्वज देशवासियों के आन-बान और शान के साथ प्रेरणा स्रोत होता है। जो राष्ट्रीय सार्वभौमिकता का प्रतीक है। राष्ट्र के सम्मान का गीत 'जन गण मन' तमाम हिन्दुस्तानियों की शान और जोश का संचार करने वाला ऐसा ही राष्ट्रगीत है जो अपने ...
6
7

हम भी तो कुछ देना सीखें

गुरुवार,अगस्त 11, 2011
समाज हमें इतना कुछ देता है कि हम ताउम्र उसकी सेवा करें तो कम है। लेकिन आज विडंबना यह है कि देशप्रेम, देशभक्ति या देशसेवा जैसे शब्द जेहन में आते ही सबसे पहले जो छवि सामने आती है वो है एक सैनिक की। यानी जब भी देशसेवा का जिक्र हो तो उसका सीधा सा अर्थ ...
7
8

भारत प्यारा देश हमारा

गुरुवार,अगस्त 11, 2011
भारत प्यारा देश हमारा सब देशों से न्यारा गोद में इसके अनगिनत नदियां बहती हैं गंगा, यमुना, सरस्वती तीनों कहती हैं उनका ये मिलन कहा जाता संगम प्रयाग तीर्थ राज में बहती त्रिवेणी धारा सिर पर तेरे खड़ा हिमालय कहलाता वो ताज चरणों को धोता सागर रखता मां की ...
8
8
9
यह आजादी का संक्रमण काल है, पीढ़ियों के हस्तांतरण का दौर। सीधे शब्दों में इसे दो पीढ़ियों के बीच कशमकश का दौर कहा जाना चाहिए। फिर वह बात किसी भी क्षेत्र की हो। आज का युवा किसी सीमा में नहीं बंधना चाहता। उसके लिए सारी दुनिया एक खुला आसमान है। जहां वह ...
9
10

प्यारे वतन के लिए

गुरुवार,अगस्त 11, 2011
जानो-दिल कुर्बान है, मादरे हिन्द के अमन के लिए। कस ली है कमर हमने आतंकियों के शमन के लिए॥ जननी से भी बढ़कर हमें है मुहब्बत भारत भूमि से। इसकी खातिर हंसते-गाते चढ़ गए शहीद सूली पे। भारत मां की अस्मत पर न उठने देंगे गलत निगाह, हिफाजत में कटा देंगे सर, ...
10
11
मैं माता हूं, भारत माता, अपने बेटों की खुशहाली चाहती हूँ। मेरी हैरानी-परेशानी का सबब आज का बदलता परिवेश है। मैं जानती हूं समय के साथ सब बदलता है और यही प्रकृति का नियम है। लेकिन यह बदलाव मेरे पुत्रों को पतन के रास्ते पर ले जाते दिखे तो दिल में पीड़ा ...
11
12
जरा सोचिए! कहते हैं एक व्यक्ति से बड़ा परिवार, परिवार से ब़ड़ा समाज और समाज से बड़ा देश होता है। विपत्ति के समय परिवार के लिए खुद को, समाज के लिए परिवार को और देश के लिए समाज को कुर्बान कर देना चाहिए। लेकिन, आज देश में ऐसा होते कहीं दिखाई नहीं देता? ...
12
13

जन-गण-मन 'अधिनायक' जय है (?)

बुधवार,अगस्त 10, 2011
हमारे राष्ट्रगान जन-गण-मन में 'अधिनायक; शब्द पर एक विवाद आजादी के पहले से चल रहा है। सन 1911 से लेकर अब तक ये आरोप लगता रहा है कि 'जन-गण-मन', ब्रिटिश जॉर्ज पंचम के सम्मान में लिखा गया था। स्वाधीनता दिवस से ठीक पहले इंटरनेट पर हजारों लोगों को फिर इस ...
13
14
आप अगर सचमुच अपने देश को प्यार करते हैं तो इसे भीतर से भी खूबसूरत बनाइए। कर्मों से ऐसे आदर्श रचिए कि भ्रष्टाचार का मूल समाप्त हो सके। एक अकेले अन्ना या किरण बेदी ही क्यों फिक्रमंद हैं देश में लोकपाल बिल लाने के लिए? हम-आप क्यों नहीं नहीं बनते उनकी ...
14
15
भारत का राष्ट्रीय झंडा, भारत की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिरूप है। यह हमारे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। सभी के मार्गदर्शन और हित के लिए भारतीय ध्वज संहिता-2002 में सभी नियमों, रिवाजों,औपचारिकताओं और निर्देशों को एक साथ लाने का प्रयास किया गया है। ...
15