sawan somwar

Diwali की सफाई में इन 5 चीजों को साफ करना कतई न भूलें, वरना सेहत को होगा नुकसान

Updated: बुधवार, 23 अक्टूबर 2019 (16:09 IST)
दिवाली के लिए घर की सफाई तो आप कई दिनों पहले से शुरू कर देते है, लेकिन क्या आपने कभी इन 5 चीजों को भी साफ करने पर ध्यान दिया है? अगर नहीं, तो जान लीजिए इन 5 चीजों के बारे में जिन्हें साफ करना बहुत जरूरी है वरना ये आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकती हैं -  
 
1 घर का मेन गेट -
बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि घर के मुख्य दरवाजे व मेन गेट को भी रोजना साफ करना चाहिए। ऐसा करने से घर में पॉजिटिविटी आने के साथ ही इंफेक्शन का खतरा भी कम होता है।
 
2 डिश टॉवेल -
जिस तौलिये से आप घर के बर्तनों को पोंछते हैं उसे डिश टॉवेल कहते है। उन्हें भी रोजाना साफ करना जरूरी होता है वरना गंदे डिश टॉवेल इस्तेमाल करने से बर्तन साफ होने की बजाय गंदे होंगे और बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाएगा।
 
3 किचन और बाथरूम का फर्श -
इन दो जगहों पर गंदगी फैलने की सबसे ज्यादा आशंका रहती है। बाथरूम और किचन को व इनमें लगे सिंक को नियमित अच्छे एंटी-बैक्टीरियल लिक्व‍िड से साफ करें।
 
4 रिमोट कंट्रोल -
चाहे टीवी का रिमोट हो या एसी का, कई लोग इन्हें छूते है, कई बार खाते खाते हुए उन्हीं हाथों से रीमोट का इस्तेमाल करते है। जिस वजह से उनमें गंदगी चिपक जाती है।
 
5 महिलाएं अपने पर्स को रोजाना साफ करें -
महिलाएं अपने पर्स में कई तरह का सामान रखती है, दिनभर उसे अपने साथ ले जाते हुए यहां-वहां, रखने का काम पड़ता है। ऐसे में पर्स नीचे से काफी गंदा हो जाता है। गंदे पर्स को अगर आपने घर के सोफे या बेड पर रखा तो इंफेक्शन का खतरा खतरा होता है। इसलिए अपने पर्स को नीचे से व अदंर से अच्छी तरह से साफ रखें।
 

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

उधमसिंह शहीद दिवस पर जानें इस वीर क्रांतिकारी के बारे में 10 अनसुने तथ्य

उजाले उनकी यादों के: डॉ. बशीर बद्र

मध्य प्रदेश में पुनर्जीवित हो रही गुरुकुल की सनातन परंपरा

बाघ संरक्षण और पर्यावरण संतुलन

Guru Purnima Essay: हिन्दी निबंध: गुरु पूर्णिमा: गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता का महापर्व

अगला लेख