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होलिका दहन व पूजन विधि : आप नहीं जानते हैं होली पूजा कैसे करें तो यह सरल तरीका आपके लिए है

Updated: शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2020 (16:14 IST)
Holi Festival 2020


होलिका दहन व पूजन का क्या है सही तरीका 
 
इस वर्ष 9 मार्च 2020, सोमवार को होलिका दहन किया जाएगा तथा 10 मार्च 2020, मंगलवार को रंगबिरंगा त्योहार होली हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। आइ ए जानते हैं 9 मार्च 2020 को कब दहन करें होली....होलिका दहन व पूजन का क्या है सही तरीका 
 
होली 2020 शुभ मुहूर्त 
 
संध्या काल में- 06 बजकर 22 मिनट से 8 बजकर 49 मिनट तक होली का दहन (होलिका दहन) किया जा सकता है।
इससे पहले अगर आप नहीं जानते हैं कि होली की पूजा कैसे करें तो यह सबसे सरल तरीका आपके ही लिए है.... 
 
होलिका दहन होने के बाद होलिका में जिन वस्तुओं की आहुति दी जाती है, उनमें कच्चे आम, नारियल, भुट्टे या सप्तधान्य, चीनी के बने खिलौने, नई फसल का कुछ भाग है। सप्तधान्य हैं गेहूं, उड़द, मूंग, चना, जौ, चावल और मसूर।
 
होलिका दहन करने से पहले होली की पूजा की जाती है। इस पूजा को करते समय पूजा करने वाले व्यक्ति को होलिका के पास जाकर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए। पूजा करने के लिए निम्न सामग्री को प्रयोग करना चाहिए-
 
एक लोटा जल, माला, रोली, चावल, गंध, पुष्प, कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी, मूंग, बताशे, गुलाल, नारियल आदि का प्रयोग करना चाहिए। इसके अति‍रिक्त नई फसल के धान्यों जैसे पके चने की बालियां व गेहूं की बालियां भी सामग्री के रूप में रखी जाती हैं।
 
इसके बाद होलिका के पास गोबर से बनी ढाल तथा अन्य खिलौने रख दिए जाते हैं।
 
होलिका दहन मुहूर्त समय में जल, मौली, फूल, गुलाल तथा ढाल व खिलौनों की चार मालाएं अलग से घर से लाकर सु‍‍रक्षित रख ली जाती हैं। इनमें से एक माला पितरों के नाम की, दूसरी हनुमानजी के नाम की, तीसरी शीतलामाता के नाम की तथा चौथी अपने घर-परिवार के नाम की होती है।
 
कच्चे सूत को होलिका के चारों ओर तीन या सात परिक्रमा करते हुए लपेटना होता है। फिर लोटे का शुद्ध जल व अन्य पूजन की सभी वस्तुओं को एक-एक करके होलिका को समर्पित किया जाता है। रोली, अक्षत व पुष्प को भी पूजन में प्रयोग किया जाता है। गंध-पुष्प का प्रयोग करते हुए पंचोपचार विधि से होलिका का पूजन किया जाता है। पूजन के बाद जल से अर्घ्य दिया जाता है।

Holika dahan vidhi
 
क्या आप जानते हैं होली का यह पवित्र और प्रामाणिक मंत्र 
 
सुख और समृद्धि के लिए पढ़ें होली का शुभ मंत्र - 
होली पर कई सारे टोटके और मंत्र आजमाए जाते हैं। लेकिन सही मायनों में मात्र एक ही मंत्र है जिसके जप से होली पर पूजा की जाती है और इसी शुभ मं‍त्र से सुख, समृद्धि और सफलता के द्वार खोले जा सकते हैं। 
 
अहकूटा भयत्रस्तै:कृता त्वं होलि बालिशै: अतस्वां पूजयिष्यामि भूति-भूति प्रदायिनीम: 
 
इस मंत्र का उच्चारण एक माला, तीन माला या फिर पांच माला विषम संख्या के रूप में करना चाहिए। 

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