0

एकादशी व्रत के ये 18 नियम आपको जानना है जरूरी, उपवास करने से पहले अवश्य पढ़ें

मंगलवार,जुलाई 28, 2020
Ekadash Fat Rules
0
1
रक्षा बंधन का पर्व बहुत ही प्राचीन पर्व है। वक्त के साथ इस त्योहार को मनाने के तरीके बदले हैं तो राखियां भी बदलती गई है। पहले मात्र एक सूत्र बंधन होता था जो धागे का होता था फिर नाड़े का हुआ और फुंदे बना और अंतत: कई प्रकार की राखियां बनने लगी। ...
1
2
राखी बांधते वक्त किस दिशा में मुंह करके बैठना चाहिए और कौन सा मंत्र बोलना चाहिए यह जानना जरूरी है। उचित विधि से ही रक्षा बंधन का त्योहार मुहूर्त देखककर ही मनाना चाहिए तो आओ जानते हैं राखी का मंत्र।
2
3
गोस्वामी तुलसीदास की जयंती पर पढ़ें लोकप्रिय दोहे- तुलसी इस संसार में, भांति-भांति के लोग। सबसे हस-मिल बोलिए, नदी-नाव संजोग।। जड़ चेतन गुन दोषमय, विश्व कीन्ह करतार।
3
4
भारत में नाग पूजा की परंपरा का प्रचलन प्राचीन काल से ही रहा है। भारत में नाग को देवता मानकर पूजा जाता है। सभी नागों को कश्यप ऋषि और कद्रू का पुत्र माना गया है। श्रावण मास में नागपंचमी का त्योहार नागों को ही समर्पित है। नाग से जुड़ी कुछ मान्यताएं ...
4
4
5
पुराणों में इन 5 को कहा गया है पिता- जन्मदाता, उपनयन करने वाला, विद्या देने वाला, अन्नदाता और भयत्राता
5
6
रविवार सूर्य देवता की पूजा का वार है। जीवन में सुख-समृद्धि, धन-संपत्ति और शत्रुओं से सुरक्षा के लिए रविवार का व्रत सर्वश्रेष्ठ है। रविवार का व्रत करने व कथा सुनने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
6
7
मनुष्य को शनि की कुदृष्टि से बचने के लिए शनिवार का व्रत करते हुए शनि देवता की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। वैसे तो शनिवार का व्रत कभी भी शुरू किया जा सकता है,
7
8
नदी में सिक्के डालने की परंपरा सालों से चली आ रही है। आखिर हम नदी में सिक्का क्यों डालते हैं? आइए जानते हैं 10 अन्य हिन्दू परंपराएं....
8
8
9
प्रतिवर्ष ज्येष्ठ मास में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को महेश नवमी पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष माहेश्वरी समाज द्वारा महेश नवमी पर्व 31 मई को 2020, रविवार को मनाया जाएगा।
9
10
सुहागिन महिलाओं द्वारा हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या को वट सावित्री व्रत रखा जाता है। वट वृक्ष का पूजन और सावित्री-सत्यवान की कथा का स्मरण करने के विधान के कारण ही यह व्रत वट सावित्री के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
10
11
श्री शनिदेव अध्यात्म के मालिक हैं, किसी भी आराधना, साधना, सिद्धि हेतु शनिदेव की उपासना परमावश्यक है।
11
12
शस्त्र और शास्त्र के ज्ञाता सिर्फ और सिर्फ भगवान परशुराम ही माने जाते हैं। परशुराम जी के शिष्यत्व का लाभ दानवीर कर्ण ही ले पाए जिसे उन्होंने ब्रह्मास्त्र की दीक्षा दी।
12
13
इस वर्ष रविवार, 26 अप्रैल 2020 को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं उनका अक्षय शुभफल मिलता है। इस तिथि को हिन्दू पंचांग में बेहद शुभ माना जाता है।
13
14
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशव्‍यापी लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया है। देश को दिए अपने संबोधन में मोदी ने अपने भाषण में सप्तपदी यानी 7 बातों पर अमल करने को कहा। पीएम मोदी के मुताबिक इन 7 बातों को मानने के ...
14
15
गणगौर माता के दरबार में हाजिरी देने के समय उखाणे / उखाने बोले जाते हैं। पूजा करने वाली महिलाएं एक-एक करके माता के सामने अपने पल्लू के कोने को कलश के पानी में डुबो कर माता जी के मुख को छुआती हुई इन उखाणे का उच्चारण करतीं हैं जिनमें उनके पति के नाम ...
15
16
नव-संवत्सर हिन्दू नव वर्ष का आरंभ है जो चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा को शक्ति-भक्ति की उपासना, नवरात्रि के साथ प्रारंभ होता है
16
17
होली वसंत ऋतु में मनाया जाने वाला महत्वपूर्ण भारतीय त्योहार है। यह पर्व हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।
17
18
पूरे विश्वभर में मशहूर बरसाना की लठमार होली में महिलाएं, पुरुषों के पीछे अपनी लाठी लेकर भागती हैं और लाठी से मारती हैं।
18
19
फाल्गुन मास चंद्र देव की आराधना के लिए सबसे सही और उपयुक्त समय होता है, क्योंकि यह चंद्रमा का जन्म माह माना जाता है।
19