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Phalguna Month : फाल्गुन मास में क्यों करें चंद्रमा की आराधना, पढ़ें रोचक जानकारी

शनिवार,फ़रवरी 22, 2020
Moon Worship
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पौराणिक शास्त्रों में प्रदोष व्रत की बड़ी महिमा है। इस दिन भगवान शिव जी की विधिपूर्वक आराधना करने से सभी संकटों से मुक्ति मिलती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। आइए जानें कैसे करें पूजन :-
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शास्त्रों के अनुसार एकादशी व्रत-उपवास करने का बहुत महत्व होता है। साथ ही सभी धर्मों के नियम भी अलग-अलग होते हैं। खास कर हिंदू धर्म के अनुसार एकादशी व्रत करने की इच्छा रखने वाले मनुष्य को दशमी के दिन से ही कुछ अनिवार्य नियमों का पालन करना चाहिए।
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प्रयागराज। आस्था, विश्वास और संस्कृतियों के संगम में तीर्थराज प्रयाग के माघ मेला के तीसरे सबसे बड़े स्नान पर्व 'मौनी अमावस्या' पर शुक्रवार शाम 6 बजे तक 1 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पतित पावनी गंगा, श्यामल यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी में ...
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भारत के छत्तीसगढ़ राज्य का राजिम क्षेत्र रायपुर जिले में महानदी के तट पर स्थित है। यहां 'राजिम' या 'राजीवलोचन' भगवान रामचंद्र का प्राचीन मंदिर है। राजिम का प्राचीन नाम पद्मक्षेत्र था। पद्मपुराण के पातालखण्ड अनुसार भगवान राम का इस स्थान से संबंध ...
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अधिकतर हिन्दू व्रत और त्योहार का संबंध ऋतु और मौसम से रहता है। 13 दिसंबर 2019 से पौष माह लगने वाला है जो नववर्ष 2020 में 20 जनवरी के दिन समाप्त होगा। इस माह में ठंड अधिक रहती है। दरअसल, शीत ऋतु दो भागों में विभक्त है। हल्के गुलाबी जाड़े को हेमंत ऋतु ...
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गीता पाठ से भगवान का सानिध्य मिलता है। जीवन की बड़ी से बड़ी परेशानी व्यक्ति को कर्तव्य पथ से विचलित नहीं कर पाती। गीता का अभ्यासी संसार का सच जान लेने के बाद पथभ्रष्ट नहीं होता।
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श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान का अद्भुत भंडार है। गीता मानव मात्र को जीवन में प्रतिक्षण आने वाले छोटे-बड़े संग्रामों के सामने हिम्मत से खड़े रहने की शक्ति देती है।
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धर्म शास्त्रों के अनुसार सुख-सौभाग्य में वृद्धि के लिए शंख को अपने घर में स्थापित करना चाहिए। माना जाता है कि मार्गशीर्ष के महीने में शंख पूजन का विशेष महत्व है।
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पार्वती देवी को दक्षिण भारत में अम्मन के नाम से भी जाना जाता है जिन्हें 'अम्मा" नाम से पुकारा जाता है, जो हिंदू देवी हैं और जिनमें श्रेष्ठ दैवीय ताकत और शक्ति है। हिंदू धर्म की सबसे महत्वपूर्ण देवियों में से एक हैं वह सौम्य देवी हैं।
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ब्रह्म पुराण के अनुसार 'जो व्यक्ति शाक के द्वारा श्रद्धा-भक्ति से श्राद्ध करता है, उसके कुल में कोई भी दुःखी नहीं होता।'
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हिन्दू धर्म के अनुसार गौ सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। गाय को पालने से घर में शांति मिलती है तथा भगवान श्री कृष्ण व लक्ष्मी माता का सीधे आशीर्वाद मिलता है।
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पुराणों में बताया गया है कि कलियुग के अंत में भगवान कल्कि अवतरित होंगे। वे एक सफेद घोड़े पर बैठ कर आएंगे और राक्षसों का नाश कर देंगे। पौराणिक मान्यता के अनुसार कलियुग 432000 वर्ष का है
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शिव महापुराण में भगवान शिव के अनेक अवतारों का वर्णन मिलता है। कहीं कहीं उनके 24 तो कहीं उन्नीस अवतारों के बारे में उल्लेख मिलता है। वैसे शिव के अंशावतार भी बहुत हुए हैं। हालांकि शिव के कुछ अवतार तंत्रमार्गी है तो कुछ दक्षिणमार्गी।
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पूर्णिमा के दिन मनाया जाने वाला यह व्रत सौभाग्य और संतान प्राप्ति में सहायता देने वाला माना गया है। यह व्रत सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य देता है।
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वेबदुनिया के पाठकों के लाभार्थ यहां लक्ष्मी प्राप्ति हेतु दुर्लभ 'अष्टलक्ष्मी स्तोत्र' दिया जा रहा है। इसके नित्य श्रद्धापूर्वक पाठ करने से मनुष्य को स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।
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समस्त ज्ञान की देवी भी गायत्री हैं, इस कारण गायत्री को ज्ञान-गंगा भी कहा जाता है। इन्हें भगवान ब्रह्मा की दूसरी पत्नी भी माना जाता है। मां पार्वती, सरस्वती, लक्ष्मी की अवतार भी गायत्री को कहा जाता है।
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भगवान श्री राम के प्रिय सखा निषाद राज की जयंती पर केवट समाज द्वारा बड़े ही भव्य रूप से शोभा यात्रा निकाली जाती है तथा प्रसाद वितरण किया जाता है।
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जब किसी जातक की जन्मपत्रिका में सूर्य शुभ होते हैं तब उस जातक का जीवन समृद्धिशाली होता है। उसे अपने जीवन में यश-प्रतिष्ठा, धन-धान्य व समस्त सुखों की प्राप्ति होती है।
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हिन्दू और जैन दो शरीर लेकिन आत्मा एक है। जानते हैं कि कैसे दोनों ही धर्म दो होकर भी एक हैं।
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