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लघुकथा : उस वक्त पूछा था क्या

Updated: गुरुवार, 22 दिसंबर 2016 (12:59 IST)
उस किशोर का मन नये सुविधापूर्ण घर में भी अस्थिर सा था। 
 
' क्या बनाऊं आज तुम्हारे लिए ?'
' जो मर्जी हो। '
 
' अच्छा ये टी वी कहां लगवाएं ?'
 
' जहां  आप चाहें। '
 
' तो आज डिनर होटल से बुलवा लें ?'
 
' आप ही तय कर लें। '
 
' सुनो ,कल से तुम बस से स्कूल जाओगे या मैं छोड़ दूं?'
 
' आप जैसा उचित समझें। '
 
' क्या हो गया तुम्हें ? क्या तुमसे कुछ भी न पूछूं ?'
 
' पापा से अलग होते वक्त पूछा था क्या ?'

लेखक के बारे में
सीमा व्यास
सीमा व्यास, राज्य संसाधन केन्द्र, इंदौर में कार्यक्रम अधिकारी हैं। नवसाक्षरों, महिला मुद्दों और सामयिक विषयों पर सृजनात्मक लेखन करती हैं। विविध पत्र-पत्रिकाओं में उनकी रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।.... और पढ़ें
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