dharma sangrah

ठंडी अंधेरी रात में

Written By WD
Updated: गुरुवार, 4 सितम्बर 2008 (12:00 IST)
अजे य
WDWD
थोड़ी थोड़ी ले लो
बन्धु
अपनी आग में मिला कर
इसे बरतो
और देखना इसका ताप
गुपचुप पहुँच जाती है
चीज़ों में अपने आप!
इस ठंडी अंधेरी रात में
रोशनी की रोशनी
गरमाईश की गरमाईश
बोलो रक्खोगे मुठ्ठी भर?

साभार : कृत्या प्रकाशन

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