Hanuman Chalisa

वसंत ऋतु पर कविता : अबकि जो आएगा वसंत

अमर खनूजा चड्ढा
अबकि जो आएगा वसंत
मैं जोगी को म ना लूंगी 
महुआ बन बस जाऊंगी 
 
अबकि जो आएगा वसंत 
डायरी में, फूलों सा संभाल रखूंगी 
 
अबकि जो आएगा वसंत 
मेहंदी के पत्तों सा 
हाथों में रचाऊंगी 
अबकि जो आएगा वसंत 
फूलों की सजी डोलियां 
अपने आंगन उतारूंगी 
रंग जादुई चुरा 
माथे सिंदूरी चुंबन सजाऊंगी 
खुशनुमा चंदन ले उधार
इतर बना सहेजूंगी 
 
अबकि जो आएगा वसंत 
यादों की कश्ती में 
खामोशी का दरिया पार करुंगी 
अबकि जो आएगा वसंत 
चांद की परछाई 
बदन में उतार लूंगी 
 
अबकि जो आएगा वसंत 
मैं जोगी को मना लूंगी 
महुआ बन बस जाऊंगी 
Show comments

सभी देखें

Monsoon Glow Secrets: उमस भरे मौसम में भी चेहरे पर रहेगा पार्लर जैसा निखार, नोट कर लें ये नेचुरल स्किन केयर टिप्स

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

घर पर BP चेक करते समय न करें ये गलतियां, जानें ब्लड प्रेशर नापने का सही तरीका

Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी

BP Control Tips: हाई ब्लडप्रेशर कम करने के घरेलू उपाय

सभी देखें

Chaturmas Fasting Rules: चातुर्मास में क्या खाएं और क्या नहीं, अपना लिए ये नियम तो होंगे 5 फायदे

सावन मास पर एक भावपूर्ण और मौलिक हिंदी कविता

सावन मास पर हिन्दी में बेहतरीन कविता

Shravan Essay: आस्था, प्रकृति और पवित्रता का उत्सव श्रावण मास, पढ़ें रोचक निबंध

London Trip: प्रधानमंत्री से पब्लिक तक मेट्रो, सिटी बस में सफर करते हैं

अगला लेख