sundarkand

कृष्ण-कृष्ण तन आज हुआ

Updated: बुधवार, 16 अगस्त 2017 (13:32 IST)
कृष्ण-कृष्ण तन आज हुआ है,
राधा-राधा मन चहका।
सुरभित-पुलकित मन है मेरा,
बगिया-सा जीवन महका।
 
अंतरमन की मधुर बेल पर,
कान्हा-कान्हा पुष्प खिले। 
नवसर्जित पुष्पित अभिलाषा,
राधा-राधा प्रेम मिले।
 
कृष्ण कर्म के हैं अधिष्ठाता,
राधा प्रेम की मर्यादा।
कृष्ण समर्पित जीवन जैसे,
राधा जीवन का वादा।
 
जीवन का उत्सव हैं राधा,
कृष्ण सत्य का भान सखे।
बरसाने की लली हैं राधा,
कृष्ण हैं बृज का मान सखे।
 
कृष्ण रहें राधा बनकर,
राधा, कृष्ण के अंदर हैं।
राधा इठलाती-सी नदिया,
कृष्ण आलंगित समंदर हैं।
 
मुरलीधर ने मुरली त्यागी,
राधा को उपहार दिया।
जीवन की सारी खुशियों को,
राधा पर ही वारि दिया।
 
प्रेम नहीं पाना होता है,
राधा ने यह सिद्ध किया।
कृष्ण से त्यागी परमेश्वर को,
त्याग से मन आबद्ध किया।
लेखक के बारे में
सुशील कुमार शर्मा
वरिष्ठ अध्यापक, गाडरवारा.... और पढ़ें
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक मंच पर बढ़ायी भारत की प्रतिष्ठा और मान-सम्मान

नया भारत, नई उड़ान: मोदी युग में आत्मविश्वास का नया शिखर

17 सितंबर जन्मदिन पर विशेष: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में 25 दिलचस्प बातें

भारत के राष्ट्र-निर्माता और इंजीनियरिंग के मसीहा: सर एम. विश्वेश्वरैया

हिंदी दिवस विशेष: जानिए कैसे हिंदी राष्ट्रभाषा के गौरव से वंचित रह गई?

अगला लेख