biodatamaker
✕

26 जनवरी पर कविता : समृद्ध हो गणतंत्र हमारा

Updated: बुधवार, 22 जनवरी 2020 (12:13 IST)
- प्रो. सीबी श्रीवास्तव
 
गणतंत्र दिवस है प्रतीक स्वाभिमान का
सद्भाव का, सद्बुद्धि का, उस संविधान का
 
जिसने सभी धर्मों का नित सम्मान किया है
जो रखता पूरा ध्यान है सबके उत्थान का
 
जो दिखाता है पथ हमें बढ़ने का साथ-साथ
जिसकी कि भावना ने मजबूत किए हैं हाथ
 
निस्वार्थ प्रगति का दिया जिसने जो मंत्र है
उसके बल पे झेल सका देश कई आघात
 
स्वातंत्र्य औ गणतंत्र दिवस दिन वे निराले
स्वर्णाक्षरों में है जिन्हें इतिहास संभाले
 
इनके लिए हर भारतीय मन में है सम्मान
इनने ही दिए हमको अंधेरों में उजाले
 
फूले फले समृद्ध हो गणतंत्र हमारा
जिसने कि विश्व मंच पर हमको है निखारा
 
रहे राजनीति संयमित सद्भाव में पगी
देती रहे हर व्यक्ति को मजबूत सहारा
 
कोई न फंसे भंवर में पा सके किनारा
फूले फले समृद्ध हो गणतंत्र हमारा।

ALSO READ: हैप्‍पी रिपब्‍लिक डे: गणतंत्र दिवस की तीन कविताएं

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

रूस दे रहा है नाटो को परमाणु हथियारों की धमकी, NATO कमांड केन्द्रों पर हो सकते हैं हमले

शारदीय नवरात्रि व्रत 2026: रोज-रोज साबूदाने की खिचड़ी खाने के 6 नुकसान

सबके लिए समय है... फिर अपने सपनों के लिए क्यों नहीं?

कब मनाया जाएगा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस? जानें कब हुई इसकी शुरुआत और क्‍या है उद्देश्‍य?

Maharaja Agrasen Jayanti: कौन थे महाराजा अग्रसेन? 5000 साल पहले दी थी ऐसी न्यायनीति, जानकर रह जाएंगे हैरान

अगला लेख