Hanuman Chalisa

कविता : पतंग

WD Feature Desk
पतंगकट जाने पर हर कोई कहता ,
जिसके हाथ लग जाए उसकी।
पतंग अटक जाती है जब तारों में ,
और कहती है जा! ना मैं तेरी न मैं उसकी।
पता नहीं रिश्तों की पतंग कोई काट दे,
इसलिये इसे अपनी डोर से बांधे रखो।
प्रेम के कांच से सूता हुआ मांजा,
स्नेह के रंग से रंगी हुई डोर  ।
ये डोर को संभालने वाला घर जैसा उचका,
आएं, हम भी रिश्तों की पतंग को ।
कन्नै की गांठ पक्की बांधकर उड़ाएं ,
तो रिश्तों की कोई पतंग कटकर
ये ना कह पाये कि मैं किसी की नहीं
ये कहे कि मैं सबकी मैं सबकी
दूर तक उड़ कर भी बसी रहे मन में 

सारिका सोनगावकर, इंदौर





Show comments

सभी देखें

घर पर BP चेक करते समय न करें ये गलतियां, जानें ब्लड प्रेशर नापने का सही तरीका

Health Benefits of Banana: कच्चे और पके केले में कौन कौनसे विटामिन होते हैं?

Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी

घर की 'एनर्जी' बदल देंगी ये खास धूप, जानें किस धुएं में छिपा है क्या राज

Diabetes Control Tips: बिना दवा के भी कंट्रोल हो सकती है शुगर! आजमाएं ये 10 जादुई और बेहद आसान घरेलू उपाय

सभी देखें

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

Monsoon Health Tips: बारिश के मौसम के लिए जानें खास 7 डाइट प्लान और इम्युनिटी बढ़ाने वाले घरेलू उपाय

बाल कविता: अकड़म बकड़म

Monsoon Health Tips: बारिश में फिट कैसे रहें?

Vastu Shastra: वास्तु के ये 10 नियम बदल सकते हैं घर का माहौल, बनी रहेगी सुख-समृद्धि

अगला लेख