ramcharitmanas
✕

जन्माष्टमी विशेष : जनम-जनम की बात हो गई

Updated: रविवार, 13 अगस्त 2017 (17:39 IST)
फिरदौस खान
तुमसे तन-मन मिले प्राण प्रिय!
सदा सुहागिन रात हो गई
होंठ हिले तक नहीं लगा ज्यों 
जनम-जनम की बात हो गई
 
राधा कुंज भवन में जैसे
सीता खड़ी हुई उपवन में
खड़ी हुई थी सदियों से मैं
थाल सजाकर मन-आंगन में
 
जाने कितनी सुबहें आईं, 
शाम हुई फिर रात हो गई
होंठ हिले तक नहीं, 
लगा ज्यों जनम-जनम की बात हो गई
 
तड़प रही थी मन की मीरा
महा मिलन के जल की प्यासी
प्रीतम तुम ही मेरे काबा
मेरी मथुरा, मेरी काशी
 
छुआ तुम्हारा हाथ, 
हथेली कल्प वृक्ष का पात हो गई
होंठ हिले तक नहीं, 
लगा ज्यों जनम-जनम की बात हो गई
 
रोम-रोम में होंठ तुम्हारे
टांक गए अनबूझ कहानी
तू मेरे गोकुल का कान्हा
मैं हूं तेरी राधा रानी
 
देह हुई वृंदावन,
मन में सपनों की बरसात हो गई
होंठ हिले तक नहीं, 
लगा ज्यों जनम-जनम की बात हो गई
 
सोने जैसे दिवस हो गए
लगती हैं चांदी-सी रातें
सपने सूरज जैसे चमके
चन्दन वन-सी महकी रातें
 
मरना अब आसान
जिंदगी प्यारी-सी सौगात ही गई
होंठ हिले तक नहीं,
लगा ज्यों जनम-जनम की बात हो गई
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

कब मनाया जाएगा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस? जानें कब हुई इसकी शुरुआत और क्‍या है उद्देश्‍य?

Maharaja Agrasen Jayanti: कौन थे महाराजा अग्रसेन? 5000 साल पहले दी थी ऐसी न्यायनीति, जानकर रह जाएंगे हैरान

World Sight Day: क्‍यों मनाते हैं विश्व दृष्टि दिवस? जानिए इसका महत्‍व और इतिहास

क्यों मनाया जाता है भारतीय वायुसेना दिवस? जानें दुनिया की चौथी सबसे बड़ी ताकत का इतिहास

भगवान के ठेकेदार और चमत्कार का कारोबार, सोशल मीडिया पर धर्म के नाम पर फैलता अंधविश्वास

अगला लेख