Daily Horoscope
✕

सन्देश गीत : बात इतनी सी

Updated: गुरुवार, 17 अगस्त 2017 (16:18 IST)
बात इतनी सी है ये समझ लीजिए, 
हम सभी एक शक्ति की संतान हैं।
धर्म-जाति से उठकर जरा देखिए, 
सबसे पहले सभी एक इंसान हैं।
 
राम में प्यार है, प्यार में हैं खुदा, 
प्यार अमृत के जैसा है पी लीजिए।
प्यार की भेंट में जख्म जितने मिले, 
मुस्कुराते हुए उनको सी लीजिए।
 
सारे त्योहार मिलकर मनाएं सभी, 
भाईचारा हमारी तो पहचान है।
बात इतनी सी है ये समझ लीजिए, 
हम सभी एक शक्ति की संतान हैं।
 
कोई झगड़ा नहीं, न किसी से गिला, 
सिर्फ खुशबू से महके हमारा शहर।
सब मिले जोड़कर प्राण से प्राण को, 
शाम हो रात हो या वो हो दोपहर।
 
गांठ दिल में जो है आइए खोलिए, 
कीमती हम सभी की ये मुस्कान है।
बात इतनी सी है ये समझ लीजिए, 
हम सभी एक शक्ति की संतान हैं।
 
कौन है जिसको फूलों की चाहत न हो, 
बोलिए किसको मधुमास भाता नहीं।
दिल किसी का भी हो भेद इसमें नहीं, 
कौन है जिसको चंदन रिझाता नहीं।
 
ख्वाब में भी किसी को रुलाया नहीं, 
उससे बढ़कर नहीं कोई बलवान है।
बात इतनी सी है ये समझ लीजिए, 
हम सभी एक शक्ति की संतान हैं।
लेखक के बारे में
राकेश श्रीवास्तव 'नाजुक'

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक मंच पर बढ़ायी भारत की प्रतिष्ठा और मान-सम्मान

नया भारत, नई उड़ान: मोदी युग में आत्मविश्वास का नया शिखर

17 सितंबर जन्मदिन पर विशेष: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में 25 दिलचस्प बातें

भारत के राष्ट्र-निर्माता और इंजीनियरिंग के मसीहा: सर एम. विश्वेश्वरैया

हिंदी दिवस विशेष: जानिए कैसे हिंदी राष्ट्रभाषा के गौरव से वंचित रह गई?

अगला लेख