ramcharitmanas

कविता : कोयल रानी

Updated: शुक्रवार, 30 मार्च 2018 (14:41 IST)
कुहू-कुहू कर मीठे स्वर में,
हमें बुलाती
रानी।
अमराई में तान सुरीली,
उसकी लगती बड़ी सुहानी।।1।।
 
बौरों के सौंधी खशबू को,
चहुं दिशा में महकाती है।
रंग-बिरंगे पंछी के संग,
फुदक-फुदककर गाती है।।2।।
 
बगिया के सारे पंछी के,
मन को सचमुच हर लेती है।
ऋतुराज के इस मौसम में,
ढेरों खुशियां भर देती है।।3।।
लेखक के बारे में
डॉ. प्रमोद सोनवानी 'पुष्प'

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

भारत के राष्ट्र-निर्माता और इंजीनियरिंग के मसीहा: सर एम. विश्वेश्वरैया

हिंदी दिवस विशेष: जानिए कैसे हिंदी राष्ट्रभाषा के गौरव से वंचित रह गई?

80s retro look trend : 80 के दशक के रेट्रो लुक से स्मृति और नॉस्टेल्जिया तक

हिंदी दिवस 2026: हिंदी नहीं रही अब पहले जैसी, फिर भी दुनिया में बढ़ता जा रहा इसका दबदबा

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक कृष्ण मोहन झा की किताब "डा मोहन भागवत संदेश" का विमोचन

अगला लेख