ramcharitmanas
✕

हिन्दी कविता : मेरा देश मेरी पहचान...

Updated: सोमवार, 15 मई 2017 (12:35 IST)
(त्रिशब्दीय रचना)
 
नव स्वतंत्र गान,
स्वच्छ शास्त्रीय परिधान।
 
दैवीय संस्कृति संपन्न,
विविध प्राकृतिक रंग।
 
विभिन्न धार्मिक उत्सव,
राष्ट्रीयता के महोत्सव।
 
संस्कृति की विविधता,
अविच्छिन्न धार्मिक समरसता।
 
कन्याकुमारी से कश्मीर,
अरुणाचल से कच्छतीर।
 
होली की हुड़दंग,
ईद की तरंग।
 
दीपावली के दीप,
श्रद्धा समन्वय समीप।
 
हिन्द सागर का तीर,
हिमालय धीर गंभीर।
 
शादी, ढोल, तमाशे,
गोल बर्फ बताशे।
 
हिन्दू, सिख, ईसाई,
पारसी, मुस्लिम भाई।
 
प्रगति के सोपान,
अंतरिक्ष में मंगलयान।
 
सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा,
नारियों की अभिरक्षा।
 
समता, ममतायुक्त,
द्वेष, पाखंड विमुक्त।
 
आगे बढ़ता देश,
उन्नत सब प्रदेश।
 
सबका हो विकास,
करें सम्मिलित प्रयास।
 
भारत भाग्य विधान,
भारत मेरी पहचान।
 
लेखक के बारे में
सुशील कुमार शर्मा
वरिष्ठ अध्यापक, गाडरवारा.... और पढ़ें
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

रूस दे रहा है नाटो को परमाणु हथियारों की धमकी, NATO कमांड केन्द्रों पर हो सकते हैं हमले

शारदीय नवरात्रि व्रत 2026: रोज-रोज साबूदाने की खिचड़ी खाने के 6 नुकसान

सबके लिए समय है... फिर अपने सपनों के लिए क्यों नहीं?

कब मनाया जाएगा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस? जानें कब हुई इसकी शुरुआत और क्‍या है उद्देश्‍य?

Maharaja Agrasen Jayanti: कौन थे महाराजा अग्रसेन? 5000 साल पहले दी थी ऐसी न्यायनीति, जानकर रह जाएंगे हैरान

अगला लेख