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इंदौर में वामा साहित्य मंच का गठन और शपथ ग्रहण समारोह

वामा साहित्य मंच
नई ऊर्जा और नए तेवर के साथ इंदौर शहर की महिला रचनाकारों ने वामा साहित्य मंच का गठन किया है। इस मंच का स्थापना दिवस और शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। नवनिर्वाचित अध्यक्ष पद्मा राजेन्द्र ने संस्थापक-संरक्षक प्रेम कुमारी नाहटा से पद भार ग्रहण किया और दायित्व की शपथ ली। नवनियुक्त सचिव ज्योति जैन, कोषाध्यक्ष शांता पारेख सहित समस्त नवीन कार्यकारिणी ने भी पद की शपथ ग्रहण की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नरेन्द्र धाकड़, लोकप्रिय राजनेता-कवि सत्यनारायण सत्तन तथा रंगकर्मी संजय पटेल उपस्थित थे। 
संजय पटेल ने समस्त रचनाकारों से नए माध्यमों से जुड़ने का आग्रह किया और बताया कि सोशल मीडिया का संसार कितना सतरंगा है और यह माध्यम लेखनी के लिए कितने आकर्षक अवसर प्रदान करता है। अभिव्यक्ति और अनुभूति दोनों ही स्तर पर इसके कई कुशल उपयोग हैं जो समाज और स्वयं दोनों के लिए लाभकारी हैं। 
 
कुलपति नरेन्द्र धाकड़ ने वामा साहित्य मंच को बधाई देते हुए संस्कार, विनम्रता, भाषा और समाज के लिए उत्कृष्ट लेखन का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को संस्कारित करने की जिम्मेदारी लेखिकाओं की अधिक है क्योंकि वे मां भी होती हैं और कुशल अभिव्यक्ति में सक्षम भी। 
 
कवि श्री सत्तन ने कहा कि तकनीक चाहे कितनी ही आ जाए कलम की महत्ता सदा रहेगी। जो कुछ आप लिखें उसे दूसरों के विचारों से और अधिक परिष्कृत करें। अपने चुटीले उद्बोधन में सत्तन ने कई बार साहित्यप्रेेमियों को ठहाके लगाने को विवश कर दिया। 
शहर की लेखिकाओं के इस नवनिर्मित समूह की सचिव ज्योति जैन ने आभार माना और कार्यक्रम का संचालन प्रचार-प्रसार प्रभारी स्मृति आदित्य ने किया। अतिथियों का स्वागत अलकनंदा साने, शारदा मंडलोई, संध्या भराड़े, डॉ. रागिनी सिंह, मृणालिनी घुले और करूणा पांडे ने किया। सरस्वती वंदना लिली डावर ने प्रस्तुत की। इस अवसर पर साहित्यकार शरद पगारे, योगेन्द्रनाथ शुक्ल, प्रदीप नवीन, प्रभु त्रिवेदी जैसे कई गणमान्य उपस्थित थे।  
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