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ओमपुरी की याद के बिना भारत रंग महोत्सव!

रविवार, 29 जनवरी 2017 (14:43 IST)
- शकील अख़्तर
नई दिल्ली। 19 वां अंतरराष्ट्रीय भारत रंग महोत्सव 1 फरवरी से 21 दिनों के लिए शुरू हो रहा है। आप ये जानकर हैरान रह जाएंगे कि इस महोत्सव में दिवंगत एक्टर और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) के प्रॉडक्ट ओमपुरी को भुला दिया गया है ! वो अभिनेता जिसने पूरी दुनिया में एनएसडी को अपने सशक्त अभिनय से बड़ी पहचान दिलाई। चंद रोज़ पहले ही जिसे एनएसडी ने श्रद्धाजंलि देने की औपचारिकता भी निभाई गई । 
 
इंटरनेशनल थिएटर फेस्टिवल की घोषणा के वक्त ओमपुरी के नाम का ज़िक्र करना भी राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय भूल गया। एनएसडी की प्रेस रिलीज़ में भी एक शब्द इस एक्टर के लिये नहीं है। यह भी नहीं बताया गया है कि क्या उनकी याद में कोई नाटक इतने बड़े आयोजन में होगा। या उनपर कोई चर्चा होगी या फिर उनके एनएसडी में काम की कोई छाया प्रदर्शनी ही लगाई जाएगी। हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में रंगमंच की तीन हस्तियों कीयाद ज़रूर हुई। उत्सव में स्व. कवलम नारायण पणिकर,हसनमकन्हैयालाल और प्रेम मटियानी की श्रद्धांजलि में तीन नाटक खेले जाने की घोषणा की गई। हो सकता है कि ओमपुरी एनएसडी के साथ रंगमंच का रूख कम कर पाये हों लेकिन इस एक्टर के प्रति ये बेरूखी चौंकाने वाली लगी। यह इसलिये भी आश्चर्य में डालने वाली है क्योंकि बड़े-बड़े दिग्गज इस आयोजन में अपना योगदान देने का दावा करते हैं। अगर एनएसडी इस इंटरनेशनल फेस्टिवल में ओमपुरी को भी याद करता तो उन 12 विदेशी मुल्कों में भी इस बात का एक अच्छा संदेश जाता,जो इस फेस्टिवल में अपना ड्रामा शोज़ लेकर आए हैं।फेस्टिवल को डिज़ाइन कर रहे आर्ट डायरेक्टर जयंत देशमुख ने ज़रूर बताया कि वो एनएसडी कैम्पस में स्व.पणिकर,कन्हैयालाल और प्रेम मटियानी के साथ ही ओमपुरी के पोट्रेट भी श्रद्धांजलि स्वरूप लगा रहे हैं। 
 
12 विदेशों के भी होंगे नाटक : इस बार महोत्सव में 12 विदेशी ड्रामा तो होंगे ही, देश के 16 राज्यों के नाट्य समूह भी मंचन करेंगे। इंग्लैंड, रूस, इटली, इसराइल, टर्की, अफगानिस्तान, तजाकिस्तान, रोमानिया, मलेशिया, श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों के ड्रामा शोज़ देखने को मिलेंगे।
 
नाट्य विद्यालय के चेयरमेन रतन थियम ने कहा है किनाटकों का चयन इस तरह से किया गया है कि नाटकों के सभी रूपों की झलक फेस्टिवल में देखने को मिले। क्लासिकल थिएटर से लेकर मॉर्डन और स्थानीय या लोक नाट्य रूप देखने को मिले। एनएसडी की रिलीज़ में बताया गया है कि 42 लोगों ने नाटकों का चुनाव किया है। वो कैसे और किस तरह से किया गया है। उसके बारे में नहीं बताया गया है।
 
94 नाटकों के साथ कई प्रदर्शन : एनएसडी के निदेशक वामन केंद्रे के मुताबिक, 1 फरवरी से 21 फरवरी के बीच 94 नाटक और कई एम्बियंस परफॉरमेंस होंगे। एम्बियंस परफॉरमेंस में कई कलाओं का संगम होगा। नाद स्वरम, ढोल चोलम,लद्दाख डांस,पुंग डांस, बैम्बू डांस,मणिपुरी मार्शल आर्ट्स, नागा डांस,डांडिया, बिहू, छऊ नृत्य, नौटंकी, हरियाणवी फाग, भवई, गरबा, कालबेलिया,पपेट शो, लावणी जैसे प्रदर्शन होंगे। इस बार स्थानीय थिएटर और कॉलेज कैम्पस से आये नाटकों का मंचन क्यों रोका गया है, पता नहीं। पिछले साल इस बात को भी काफी महत्व दिया गया था। 
 
आख़िर किसका है थिएटर ? : मंडी हाउस क्षेत्र में एनएसडी कैम्पस और इसके आसपास कुल सात जगहों पर प्रदर्शनों और चर्चाओं का दौर चलेगा। परफॉरमेंस एनएसडी कैम्पस के अभिमंच,ओपन एयर थिएटर,बहुमुख और सम्मुख के अलावा एलटीजी,कमानी और श्रीराम सेंटर ऑफ परफॉरमिंग आर्ट सभागारों में होंगे।  इसके साथ ही थिएटर बाज़ार सजेगा। थिएटर की दिग्गज हस्तियां जुटेंगी और सैकड़ों कलाकारों का जमावड़ा लगेगा। इस बार महोत्सव की थीमरखी गई है-‘आखिर किसका है थिएटर।‘इसपर रचनात्मक बहस और चर्चाओं का सिलसिला चलेगा। 
 
दुनिया का तीसरा बड़ा थिएटर फेस्टिवल : वामन केंद्रे ने कहा किभारत रंग महोत्सव एशिया में सबसे बड़ा और दुनिया में तीसरा बड़ा उत्सव है। उत्सव में शामिल होने के लिये कुल 650 एंट्रीज़ मिली थी। इसमें 40 विदेशी ग्रुप्स की थी। इसका चुनाव देश भर के 42 विशेषज्ञों ने मिलकर किया। हालांकि वो कैसे हुआ, 42 विशेषज्ञ कौन है, उनका चयन कैसे हुआ, इसकी जानकारी नहीं दी गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में त्रिपुरारी शर्मा, सुरेश शर्मा,जतिन दास भी मौजूद थे।वामन केंद्रे के मुताबिक,इस बार थिएटर ग्रुप्स की अनुमति से 25 नाटकों का वेबकास्ट प्रसारण भी होगा। 
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