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क्यों मनाया जाता है पृथ्‍वी दिवस, पढ़ें निबंध

Written By WD Feature Desk
Updated: सोमवार, 21 अप्रैल 2025 (15:57 IST)
Earth Day: प्रस्तावना : प्रतिवर्ष 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमारी पृथ्वी और उसके पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसके संरक्षण के लिए सामूहिक कार्रवाई को प्रोत्साहित करने का एक वैश्विक अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि यह ग्रह, जिस पर हम रहते हैं, वह बहुत अनमोल है और इसकी देखभाल करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।ALSO READ: खुद की तलाश में प्लान करें एक शानदार सोलो ट्रिप, ये जगहें रहेंगी शानदार
 
क्यों मनाते हैं पृथ्वी दिवस, जानें कारण और इतिहास : पृथ्वी दिवस की नींव 1970 में संयुक्त राज्य अमेरिका में पर्यावरण कार्यकर्ता सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन के प्रयासों से पड़ी। 1960 के दशक के अंत में, वायु और जल प्रदूषण के गंभीर प्रभावों के बावजूद, पर्यावरण संरक्षण एक राष्ट्रीय राजनीतिक एजेंडा नहीं था। नेल्सन ने महसूस किया कि यदि पर्यावरण को सार्वजनिक चेतना में लाना है, तो एक बड़े पैमाने पर जमीनी स्तर के आंदोलन की आवश्यकता है।
 
उन्होंने 22 अप्रैल, 1970 को एक राष्ट्रीय पर्यावरण विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान किया, जिसे 'पृथ्वी दिवस' नाम दिया गया। इस दिन, लगभग 20 मिलियन अमेरिकियों ने प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शनों में भाग लिया। कॉलेज के छात्रों, स्कूलों, स्थानीय समुदायों और विभिन्न सामाजिक समूहों ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। इस अभूतपूर्व भागीदारी ने अमेरिकी सरकार और जनता का ध्यान पर्यावरण की समस्याओं की ओर आकर्षित किया।
 
पृथ्वी दिवस की सफलता ने संयुक्त राज्य अमेरिका में महत्वपूर्ण पर्यावरणीय कानूनों के पारित होने का मार्ग प्रशस्त किया, जिसमें स्वच्छ वायु अधिनियम, स्वच्छ जल अधिनियम और लुप्तप्राय प्रजाति अधिनियम शामिल हैं। इसके साथ ही, पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) की स्थापना भी हुई। धीरे-धीरे, पृथ्वी दिवस एक वैश्विक आंदोलन बन गया।

1990 में, डेनिस हेस, जिन्होंने पहले पृथ्वी दिवस का आयोजन किया था, ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया। उस वर्ष, 141 देशों के 200 मिलियन से अधिक लोगों ने पर्यावरणीय मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और कार्रवाई करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया।
 
पृथ्वी दिवस का महत्व : आज, पृथ्वी दिवस दुनिया के सबसे बड़े नागरिक आंदोलनों में से एक है, जिसमें हर साल 190 से अधिक देशों के अरबों लोग विभिन्न गतिविधियों में शामिल होते हैं। यह दिन सरकारों, व्यवसायों और व्यक्तियों को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए प्रेरित करता है।
 
पृथ्वी दिवस का महत्व पर नजर डालें तो यह दिन जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, वनों की कटाई, तथा जल संकट और जैव विविधता जैसे महत्वपूर्ण पर्यावरणीय मुद्दों के बारे जागरूकता बढ़ाने पर जोर देता है। साथ ही यह दिन दुनिया सभी देशों, संगठनों और व्यक्तियों को साझा पर्यावरणीय लक्ष्यों की दिशा में मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित भी करता है। यह दिन हमें समझाता है कि आशा और सकारात्मकता के जरिए हम गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों से पार पाकर सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। 
 
उपसंहार : यदि हम प्रकृति और पर्यावरणीय संकटों पर ध्यान नहीं देंगे, सिर्फ पेड़-पौधे ही काटते रहेंगे, जल नहीं बचाएंगे तो समस्त पृथ्वी तथा इस धरती पर रहने वाले सभी जीव-जंतुओं का विनाश तय है, अत: हमें प्रकृति, पर्यावरण और इससे जुड़े सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करके इन्हें सुलझाना होगा तथा इस दिन के महत्व को समझते हुए सतत पृथ्वी की देखरेख करके इसके अस्तित्व को बचाना होगा। तभी सभी जीव-जंतु, मनुष्य, प्राणी, प्रकृति और पर्यावरण सुरक्षित रह पाएंगे, और आनेवाली पीढ़ी को अच्छा जीवन दे पाएंगे।

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