Hanuman Chalisa

पुस्तक समीक्षा : लू शुन - एक परिचय

जनता को प्रबुद्ध करने वाली कला के योद्धा की जीवनी 
 
 
किताब के बारे में - 
 
यह पुस्तक आपका परिचय ऐसे लेखक से कराने का प्रयास है जिसने बतौर लेखक असली जिम्मेवारी को समझा और निभाया, अपनी तमाम जिंदगी आने वाली पीढ़ी के लिए लेखकों को तैयार करने में लगा दी, जिसने जनता के लिए लिखा, जनता के लिए जिया और जनता को लेखक तैयार करके दिए।


 
लू शुन विश्व पटल पर एक ऐसे साहित्यकर्मी के रूप में पहचाने जाते हैं, जिसने साहित्य, कला और संस्कृति को मेहनतकश जनता के साथ जोड़ने का काम किया। लू शुन ने क्रांति को आगे बढ़ाने के लिए सबसे अच्छा साधन साहित्य को माना और साहित्यिक आन्दोलन को आगे बढ़ाया।
 
उन्होंने साहित्य में कम से कम संवादों का प्रयोग कर जनता के साथ घनिष्ठ सम्बन्ध स्थापित करने की कला को विकसित किया। लू शुन ने यह भी व्याख्यातित किया कि जनता को प्रबुद्ध किया जा सकता है और उनकी अभिव्यक्ति के नए–नए साधन तलाशे जा सकते हैं।
 
लू शुन की रचनाएं चीनी समाज, जनता का जीवन और संघर्ष तथा इन सबसे निकाले गए सबक का विश्वकोष है। सबसे बढ़कर इनमें साम्राज्यवाद और सामंतवाद के विरुद्ध, सभी उत्पीड़कों के विरुद्ध युद्ध का एक साहस भरा उद्घोष हैं।
 
 
     
 
 पुस्तक : ‘लू शुन : एक परिचय’
लेखक : फेंग शुएफेंग  
प्रकाशक - गार्गी प्रकाशन
कीमत - 20 रुपये 
पृष्ठ सं. -24  
विषय - जीवनी 
 संस्करण - प्रथम
वर्ष - 2014
आई.एस.बी.एन  - 81-87772-26-3 (पेपरबैक संस्करण)
 
 
 
 
 
इस किताब को खरीदने के लिए नीचे दिए गए पते पर सम्पर्क करें -
 
1/4649/45बी, गली नo.04, न्यू मॉडर्न शाहदरा, दिल्ली - 110032
 
मुकेश - 7065475300
 अतुल -9810104481
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

सावन मास पर एक भावपूर्ण और मौलिक हिंदी कविता

Shravan Essay: आस्था, प्रकृति और पवित्रता का उत्सव श्रावण मास, पढ़ें रोचक निबंध

आगे तो बढ़ रहे हैं… पर किस दिशा में? कहीं ऐसा तो नहीं कि जीवन बेहतर बनाने की दौड़ में हम जीना ही भूलते जा रहे हैं?

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

सभी देखें

बारिश में कुछ टेस्टी खाने का है मन? ट्राई करें ये 5 मानसून स्पेशल रेसिपीज

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

क्रिस्टोफ़र नोलन की ‘द ओडिसी’ : होमर के महाकाव्य की उदास सिनेमाई पुनर्रचना

कविता: लाल किला तुझे सलाम

Essay on Friendship Day: फ्रेंडशिप डे: दोस्ती के अटूट बंधन का खूबसूरत पर्व, पढ़ें हिन्दी में रोचक निबंध