sundarkand

स्मार्टफोन से बच्चों में बढ़ रहा आंखों का सूखापन

Written By WD
Updated: सोमवार, 9 जनवरी 2017 (17:46 IST)
सोल। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अपने स्मार्टफोन या कम्प्यूटर डिवाइस पर ज्यादा समय बिताने वाले बच्चों को ड्राई आई यानी आंखों में सूखेपन की समस्या का जोखिम बहुत ज्यादा होता है।

दक्षिण कोरिया के चुंग आंग यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक वीडियो डिस्प्ले टर्मिनल (वीडीटी) मसलन स्मार्टफोन या कम्प्यूटर के ज्यादा इस्तेमाल का संबंध बच्चों में ऑक्यूलर सरफेस सिम्पटम्स (नेत्र संबंधी लक्षणों या समस्या) की बारंबारता से पाया गया है।
 
अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि हमने 916 बच्चों का नेत्र परीक्षण किया था। बच्चों और उनके परिवार को प्रश्नावली दी गई थी जिसमें वीडीटी के इस्तेमाल, खेलकूद की गतिविधि, सीखने और ऑक्यूलर सरफेस डिसीज इनडेक्स में बदलाव से संबंधित स्कोर शामिल था। 
 
प्रतिभागियों को 2 समूहों में बांटा गया था जिसमें 630 बच्चे शहरी इलाकों के और 286  ग्रामीण इलाकों से थे। शहरी समूह के कुल 8.3 फीसदी बच्चों में ड्राइ आई डिसीज (डीईडी) की  समस्या मिली जबकि ग्रामीण समूह में ऐसे बच्चों का आंकड़ा 2.8 फीसदी था।
 
शहरी समूह में स्मार्टफोन के इस्तेमाल की दर 61.3 फीसदी और ग्रामीण समूह में 51 फीसदी  थी। बच्चों में स्मार्टफोन का इस्तेमाल का बाल्यावस्था डीईडी से है। यह शोध जर्नल 'बीएमसी ऑप्थेल्मोलॉजी' में प्रकाशित हुआ है। (भाषा)
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

रोजाना अपनाएं ये 10 जादुई आदतें, बीमारियों से रहेंगे कोसों दूर और चेहरे पर आएगा गजब का ग्लो

डॉ अंजना चक्रपाणि मिश्र की दो नवीन कृतियों 'मन अनहद नाद' और 'अनकहे से संवाद' का भव्य विमोचन

राष्ट्र निर्माता शिक्षक का सम्मान एक ही दिन क्यों?

बच्चों के मन को सबल और एकाग्र करने का आनापान ध्यान शिविर

जन नेता कामरेड होमी एफ दाजी - शताब्दी पर जयजगत!

अगला लेख