विश्व स्वास्थ्य दिवस 7 अप्रैल : जागरूक बनें, रोगमुक्त रहें

का उद्देश्य पूरी दुनिया के लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। यह हर साल 7 अप्रैल को मनाया जाता है। 1948 में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन द्वारा 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाने की जो बात कही गई, वह इसलिए आवश्यक थी ताकि भविष्य को रोगमुक्त बनाया जा सके।
वर्तमान समय की बात की जाए तो इस वक्त पूरा विश्व कोरोना जैसी गंभीर बीमारी से लड़ रहा है। हर तरह से इस बीमारी पर काबू पाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस संक्रमण से डरने की नहीं, बल्कि इससे लड़ने की जरूरत है। विश्व स्वास्थ्य दिवस का उद्देश्य भी यही है कि हम सभी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें।

7 अप्रैल 2020 को विश्व स्वास्थ्य दिवस 'वैश्विक स्वास्थ्य जागृति दिवस' है। इस समय कोरोना वायरस की वजह से दुनिया की जो स्थिति है, उसमें डॉक्टर, नर्सों व प्रत्येक स्वास्थ्य कर्मचारी दुनिया को स्वस्थ रखने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। COVID-19 से मुकाबला करने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता सबसे आगे हैं जिसका हमें सम्मान करना चाहिए। साथ ही मिलकर जागरूकता के साथ इस संक्रमण को मिटाना चाहिए। आइए जानते हैं विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर कुछ जरूरी बातें-
कोरोना से बचने के लिए सावधानियां-

घर में रहें और पूरी तरह से सुरक्षित रहें। ध्यान रहे, यह आप अपनों की रक्षा के लिए कर रहे हैं। यदि आप सुरक्षित रहेंगे तो आपका परिवार भी सुरक्षित रहेगा इसलिए इसे बिलकुल नजरअंदाज न करें।

पानी और साबुन का इस्तेमाल करते हुए हाथों को 20 सेकंड्स तक रगड़-रगड़कर साफ करें। खाने के पहले और बाद में शौचालय के इस्तेमाल के बाद अवश्य साबुन से हाथ धोएं। ऐसे सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें जिसमें 60 प्रतिशत अल्कोहल हो।
साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें, खुद की भी और अपने घर की भी।

खुद को घर में ही रखें। घर में जो भी चीजें आ रही हैं, पहले उसे अच्छी तरह से साफ करें।

सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से पालन करें।

घर में बच्चों को भी जागरूक करें। उन्हें भी समझाएं कि कैसे उन्हें हाथ धोना है और किन बातों का ध्यान रखना है।

दिनचर्या में लाएं बदलाव

विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्य उद्देश्य है कि हम अपने स्वास्थ्य व अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहें। किसी बीमारी के हम पर हावी होने से पहले ही उसका उपचार कर दिया जाए तो कोई समस्या बढ़ नहीं सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमें अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव लाने जरूरी हैं।
इम्युनिटी को करें मजबूत

स्वस्थ रहने के लिए सबसे पहला नियम यही है कि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो ताकि कोई भी बीमारी आप पर हावी न हो पाए। यदि आपका इम्यून सिस्टम मजबूत है तो आप किसी भी बीमारी का सामना कर सकते हैं।

इसके लिए अपनी दिनचर्या में 30 मिनट खुद व्यायाम के लिए जरूर निकालें जिसमें योगा आप कर सकते हैं।

खाने में हरी सब्जियों को जरूर शामिल करें।
हल्दी का सेवन इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करता है। इसका उपयोग आप खाना बनाने के दौरान जरूर कर सकते हैं।

हल्दी वाला दूध पीने से भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

अंकुरित अनाज (जैसे मूंग, मोठ, चना आदि) तथा भीगी हुईं दालों का भरपूर मात्रा में सेवन करें। अनाज को अंकुरित करने से उनमें उपस्थित पोषक तत्वों की क्षमता बढ़ जाती है। ये पचाने में आसान, पौष्टिक और स्वादिष्ट होते हैं।
भोजन के साथ सलाद का उपयोग अधिक से अधिक करें। भोजन का पाचन पूर्ण रूप से हो, इसके लिए सलाद का सेवन जरूरी होता है। ककड़ी, टमाटर, मूली, गाजर, पत्तागोभी, प्याज, चुकंदर आदि को सलाद में शामिल करें। इनमें प्राकृतिक रूप से मौजूद नमक हमारे लिए पर्याप्त होता है। ऊपर से नमक न डालें।

तुलसी का सेवन करें, क्योंकि ये एंटीबायोटिक, दर्दनिवारक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी फायदेमंद है। रोज सुबह तुलसी के 3-5 पत्तों का सेवन करें।




और भी पढ़ें :