dharma sangrah

सर्दी में निकलती त्वचा के 5 खास उपाय

Written By WD
Updated: बुधवार, 1 नवंबर 2017 (12:35 IST)
सर्दी के दिनों में त्वचा का रूखा और बेजान होना, कई बार त्वचा की परतों के निकलने का कारण भी बनता है। इससे बचने के लिए जरूरत है त्वचा की विशेष देखभाल की। जानिए कौन से उपाय बचाएंगे आपकी त्वचा को निकलने से - 

1 अगर आपकी त्वचा बेहद रूखी अैर बेजान हो चुकी है और उसकी परतें निकल रही हैं, तो पहले स्क्रब की सहायता से मृत त्वचा को हटाएं। इससे आपकी त्वचा साफ होगी और इसके बाद आप इससे अच्छी तरह से चिकनाई प्रदान करें।
2 त्वचा को चिकना और नमीयुक्त बनाए रखने का पुराने जमाने का सबसे बेहतरीन उपाय है घी। बस रात को सोते समय अपनी त्वचा पर अंगुलि‍यों के पोरों से घी लगाएं और तब तक मसाज करें, जब तक आपकी त्वचा इसे पूरी तरह से सोख न ले। सुबह उठकर आप पाएंगे नर्म, मुलायम और चिकनी त्वचा।

3 वैसलीन यानि पेट्रोलियम जैली का इसतेमाल भी त्वचा को जरूरी चिकनाई देने में मदद करेगा। इसे लगाने के बाद त्वचा का रूखापन समाप्त हो जाएगा और त्वचा निकलनी बंद हो जाएगी। घर पर भी आप पेट्रोलियम जैली बना सकते हैं।
 

घर में रखा नारियल तेल भी त्वचा के लिए बढ़ि‍या विकल्प है। रात को सोने से पहले और दिन में नहाने के तुरंत बाद नारियल तेल से मसाज करें। इससे त्वचा में आसानी से चिकनाई पहुंचेगी और रूखी त्वचा में बेहद लाभ होगा।
भरपूर मात्रा में पानी पीना भी आपको इस समस्या से निजात दिला सकता है। शरीर में नमी बनी रहने से त्वचा में रूखापन नहीं आता और त्वचा का निकलना कम होता है। इसके अलावा आप जूस या फलों का सेवन भी कर सकते हैं।
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

15 अगस्त विशेष: शहीदों के सपनों का भारत नारों से नहीं, हमारे चरित्र और कर्म से बनेगा

जब उम्मीद थक जाए, तब साहस काम आता है

असली पनीर और Analog Paneer में क्या है फर्क? खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान

लोकतंत्र की पहली पाठशाला: छात्रसंघ चुनावों की वापसी क्यों जरूरी? जानें युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी

गरीबी चुराने कोई नहीं आता!