Covid-19 के टीके से बचे हुए लोग कैसे करें तीसरी लहर से खुद का बचाव

की दूसरी लहर का आतंक भयावह रहा है। उस मंजर को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। लेकिन समूचे विश्व में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर लगातार चेतावनी जारी की जा रही है। भारत सरकार नीति आयोग द्वारा भी आने वाले 100 से 125 दिनों तक सतर्क रहने की हिदायत दी है। वहीं दूसरी ओर वैक्सीनेशन पर लगातार जोर दिया जा रहा है। ताकि कोरोना की तीसरी लहर से बचा जा सके। रिसर्च के मुताबिक कोविशील्‍ड, स्पुतनिक और अन्य वैक्सीन अलग - अलग वेरिएंट पर भी प्रभावी साबित हो रही है। शोध में सामने आया है कि अगर चपेट में भी आते हैं तो कंडीशन बहुत अधिक सीवर नहीं होती है। होम आइसोलेशन में रहकर भी ठीक हो रहे हैं। लेकिन जिन्हें वैक्सीन नहीं लगा है उन्हें बहुत अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे में कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें।> > वैक्सीन नहीं लगने पर कैसे करें बचाव -
जिन्हें वैक्सीन नहीं लगी है उन्हें कोविड नियमों का सख्ती से पालन करना ताकि वह इसकी चपेट में आने से बच सकें। अपनी इम्‍यूनिटी बूस्‍ट करें, प्राणायाम करें, इम्‍यूनिटी बूस्‍टर फूड जरूर खाएं। जरूरत हो तभी बाहर निकलें।

चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ रवि दोसी ने बताया कि इस दौरान कोविड-19 नियमों का सख्ती से पालन करें। सार्वजनिक जगहों पर जाने से बचें। हेल्दी डाइट लीजिए, एक्सरसाइज करें, योग करें, और जल्‍द से जल्‍द वैक्सीन लगवाएं। जिन्हें वैक्सीन लग गई है उन्हें तीसरी लहर में खतरा बहुत अधिक नहीं रहेगा। वैक्सीनेशन के बाद वायरस की तीव्रता कम हो जाएगी। वायरस तो म्यूटेट होता रहेगा। लेकिन वैक्सीन लगाने के बाद भी आप इफेक्ट हो सकते हैं, बहुत अधिक हद तक प्रभावित नहीं होंगे। साथ ही वेरिएंट तो आते रहेंगे लेकिन सेफ्टी रखेंगे तो पूरा परिवार भी बच सकता है।

वैक्सीनेशन कैंपेन मार्च से शुरू हुआ था लेकिन जिन्‍हें दोनों डोज लग चुके हैं, क्या उन्हें तीसरी जेब की भी जरूरत है ?
 
आप एक नॉर्मल पर्सन है और कम लोगों के और मरीजों के संपर्क में आते हैं तो आपको जरूरत नहीं है। लेकिन हाई रिस्क ग्रुप में आते हैं तो विचारणीय बात है। डॉक्टर के लिए बूस्‍टर डोज की चर्चा चल रही है।




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