sundarkand

बेडौल शरीर से निजात पाकर मोटापा घटाना है, तो जान लीजिए 7 काम की बातें

Published: शुक्रवार, 30 नवंबर 2018 (15:04 IST)
बेडौल और मोटा शरीर कोई नहीं चाहता, लेकिन फिर भी कई लोग मोटापे से बच नहीं पाते। कई बार मोटापा आनुवांशिक कारणों से बच्चे में जन्मजात होता है तो वहीं कई लोग अपनी ही गलत आदतों के चलते बेडौल और मोटा हो जाते हैं। कुछ ऐसी बातें है जो मोटापे के लिए जिम्मेदार होती है, यदि आप मोटापे से बचना चाहते हैं तो इन आदतों को तुरंत बदल लेना चाहिए -
 
1. प्रायः कुछ युवा भोजन करके खूब पानी पिया करते हैं। भोजन के अन्त में पानी पीना उचित नहीं, बल्कि एक-डेढ़ घण्टे बाद ही पानी पीना चाहिए। इससे पेट और कमर पर मोटापा नहीं चढ़ता।
 
2. भूख से थोडा कम ही आहार लेना चाहिए। इससे पाचन ठीक होता है, पेट बड़ा नहीं होता और पेट में गैस नहीं बनती। गैस के तनाव से तनकर पेट बड़ा होने लगता है।
 
3. भोजन में शाक-सब्जी, कच्चा सलाद और कच्ची हरी शाक-सब्जी की मात्रा अधिक और चपाती, चावल व आलू की मात्रा कम रखना चाहिए।
 
4. सप्ताह में एक दिन उपवास करना चाहिए। उपवास के दिन सिर्फ फल और दूध का ही सेवन करना चाहिए।
 
5. प्रातः 2-3 किलोमीटर तक घूमने के लिए जाया करें।
 
6. भोजन में गेहूं के आटे की चपाती लेना बन्द करके जौ-चने के आटे की चपाती लेना शुरू कर दें। इसका अनुपात है 10 किलो चना व 2 किलो जौ। इन्हें मिलाकर पिसवा लें और इसी आटे की चपाती खाएं। इससे सिर्फ पेट और कमर ही नहीं सारे शरीर का मोटापा कम हो जाएगा।
 
7. प्रातः एक गिलास ठण्डे पानी में 2 चम्मच शहद घोलकर पीने से भी कुछ दिनों में मोटापा कम होने लगता है। दुबले होने के लिए दूध और शुद्ध घी का सेवन करना बन्द न करें। वरना शरीर में कमजोरी, रूखापन, वातविकार, जोड़ों में दर्द, गैस ट्रबल आदि होने की शिकायतें पैदा होने लगेंगी।

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

ब्रिक्स से दूरी बांग्लादेश को पड़ेगी भारी, तारिक रहमान के सम्मेलन में शामिल होने पर संशय

15 अगस्त विशेष: शहीदों के सपनों का भारत नारों से नहीं, हमारे चरित्र और कर्म से बनेगा

जब उम्मीद थक जाए, तब साहस काम आता है

असली पनीर और Analog Paneer में क्या है फर्क? खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान

लोकतंत्र की पहली पाठशाला: छात्रसंघ चुनावों की वापसी क्यों जरूरी? जानें युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी

अगला लेख