best foods for women health: जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे शरीर की ज़रूरतें भी बदलने लगती हैं। खासकर महिलाओं के लिए 40 का पड़ाव कई मायनों में अहम होता है। इस उम्र के बाद हॉर्मोनल बदलाव, हड्डियों की मजबूती में कमी, मेटाबॉलिज्म का धीमा होना और थकान जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। यही वजह है कि 40 साल के बाद महिलाओं को अपनी डाइट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। केवल संतुलित भोजन ही काफी नहीं होता, बल्कि कई बार शरीर को अतिरिक्त पोषण देने के लिए सप्लीमेंट्स लेना बेहद आवश्यक हो जाता है।
सप्लीमेंट्स शरीर को वे जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स देते हैं, जो केवल रोजमर्रा के भोजन से पूरा नहीं हो पाते। खासतौर पर कामकाजी महिलाएं, गृहिणियाँ या वे महिलाएं जिनकी दिनचर्या बेहद व्यस्त रहती है, उन्हें अक्सर थकान, कमजोरी या स्वास्थ्य संबंधी छोटी-बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सही सप्लीमेंट्स लेना जीवन को और अधिक ऊर्जावान और स्वस्थ बना सकता है। तो आइए जानते हैं कि 40 साल के बाद हर महिला को कौन से 5 जरूरी सप्लीमेंट्स लेना शुरू कर देना चाहिए।
1. कैल्शियम
40 की उम्र पार करने के बाद महिलाओं में हड्डियों से जुड़ी समस्याएं सबसे अधिक देखने को मिलती हैं। मेनोपॉज के समय एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर घटने लगता है, जिससे हड्डियां कमज़ोर होने लगती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कैल्शियम सप्लीमेंट्स इस कमी को पूरा करने का सबसे अच्छा तरीका हैं।
अगर आपकी डाइट में दूध, दही, पनीर या हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ पर्याप्त मात्रा में नहीं हैं, तो कैल्शियम सप्लीमेंट्स ज़रूरी हो जाते हैं। ये न सिर्फ हड्डियों को मज़बूत बनाते हैं बल्कि दाँतों और मांसपेशियों के सही विकास में भी मदद करते हैं।
2. विटामिन D
कैल्शियम तभी असर दिखा सकता है जब शरीर में विटामिन D की पर्याप्त मात्रा हो। विटामिन D धूप से मिलता है, लेकिन आजकल की व्यस्त जीवनशैली और घर-ऑफिस के बीच सीमित समय के कारण कई महिलाओं को पर्याप्त धूप नहीं मिल पाती। इसकी कमी से थकान, हड्डियों में दर्द और इम्यून सिस्टम की कमजोरी हो सकती है।
40 के बाद महिलाओं को विटामिन D सप्लीमेंट्स ज़रूर लेने चाहिए। ये हड्डियों को मज़बूत करने के साथ-साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और मूड स्विंग्स जैसी समस्याओं को भी कम करने में मददगार होते हैं।
3. ओमेगा-3 फैटी एसिड
40 के बाद दिल की सेहत और दिमाग की कार्यक्षमता पर भी असर पड़ने लगता है। ऐसे में ओमेगा-3 फैटी एसिड सप्लीमेंट्स बेहद फायदेमंद साबित होते हैं। ये मछली, अलसी के बीज और अखरोट में पाए जाते हैं, लेकिन अगर आप इन्हें नियमित रूप से अपनी डाइट में शामिल नहीं कर पातीं, तो सप्लीमेंट्स लेना बेहतर विकल्प है।
ओमेगा-3 फैटी एसिड्स ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करते हैं, दिल को स्वस्थ रखते हैं और ब्रेन फंक्शन को मज़बूत बनाते हैं। साथ ही ये त्वचा को ग्लोइंग बनाए रखने और सूजन (इंफ्लेमेशन) को कम करने में भी मदद करते हैं।
4. आयरन
महिलाओं में आयरन की कमी बहुत आम समस्या है, खासतौर पर 40 के बाद जब शरीर की ऊर्जा धीरे-धीरे कम होने लगती है। आयरन की कमी से एनीमिया, अत्यधिक थकान, चक्कर आना और बाल झड़ने जैसी दिक्कतें सामने आती हैं।
आयरन सप्लीमेंट्स लेने से शरीर में खून की कमी नहीं होती और हीमोग्लोबिन का स्तर संतुलित बना रहता है। हालांकि आयरन सप्लीमेंट्स डॉक्टर की सलाह पर ही लेने चाहिए, क्योंकि इसकी अधिकता भी नुकसान पहुँचा सकती है।
5. मल्टीविटामिन
40 की उम्र में शरीर को कई तरह के विटामिन्स और मिनरल्स की आवश्यकता होती है, जिन्हें केवल डाइट से पूरा करना हमेशा संभव नहीं हो पाता। ऐसे में मल्टीविटामिन सप्लीमेंट्स सबसे बेहतर विकल्प साबित होते हैं। इनमें विटामिन A, C, E, B-कॉम्प्लेक्स, मैग्नीशियम, जिंक और सेलेनियम जैसे ज़रूरी पोषक तत्व शामिल होते हैं।
मल्टीविटामिन न केवल शरीर की ऊर्जा बनाए रखते हैं, बल्कि स्किन और बालों की सेहत सुधारने, इम्यूनिटी बढ़ाने और मानसिक तनाव कम करने में भी मदद करते हैं। नियमित रूप से लेने पर ये सप्लीमेंट्स जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बना सकते हैं।
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