स्वामी विवेकानंद की जयंती पर इस बार बंगाल में क्या खास है?
Swami Vivekananda Jayanti 2026: स्वामी विवेकानंद की जयंती, जिसे भारत में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है, पश्चिम बंगाल के लिए एक अत्यंत गौरवपूर्ण और भावनात्मक अवसर होता है। 2026 में उनकी 163वीं जयंती मनाई जा रही है। इस बार बंगाल में निम्नलिखित खास आयोजन हो रहे हैं:
1. बेलूर मठ में भव्य उत्सव: रामकृष्ण मिशन के मुख्यालय, बेलूर मठ में उत्सव की शुरुआत सुबह तड़के 'मंगल आरती' से होती है। यहाँ विवेकानंद के भक्तों द्वारा भक्ति गीत (भजन) और विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। हज़ारों की संख्या में लोग गंगा तट पर स्थित इस मठ में दर्शन के लिए पहुँचते हैं।
2. सिमला स्ट्रीट (विवेकानंद का पैतृक निवास): कोलकाता के सिमला स्ट्रीट स्थित उनके जन्मस्थान पर विशेष सजावट की गई है। यहाँ 'युवा पदयात्रा' (Youth Processions) निकाली जा रही हैं, जिनमें छात्र और युवा विवेकानंद की वेशभूषा धारण कर उनके संदेशों का प्रचार करते हैं। स्थानीय प्रशासन और संगठनों द्वारा यहाँ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और व्याख्यानों का आयोजन किया जा रहा है।
3. राज्य सरकार के 'विवेक उत्सव' कार्यक्रम: पश्चिम बंगाल सरकार प्रतिवर्ष 'विवेक उत्सव' का आयोजन करती है। इस बार भी राज्य के विभिन्न जिलों और ब्लॉकों में खेल प्रतियोगिताओं, निबंध लेखन और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है। कोलकाता के प्रमुख चौराहों पर उनकी प्रतिमाओं को फूलों से सजाया गया है और उनके प्रेरक उद्धरणों (Quotes) के पोस्टर लगाए गए हैं।
4. गंगासागर मेला और युवा संगम: चूँकि विवेकानंद जयंती अक्सर गंगासागर मेले के समय ही आती है, इसलिए इस बार तीर्थयात्रियों के लिए विशेष 'विवेक चेतना' शिविर लगाए गए हैं जहाँ उनके जीवन दर्शन को चित्रों के माध्यम से दिखाया जा रहा है। एक विशेष संदेश: स्वामी जी अक्सर कहते थे, "उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।" आज के दिन बंगाल के स्कूलों और कॉलेजों में इसी मंत्र के साथ सामूहिक योग और ध्यान के सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
5. प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम:
अभी तक की आधिकारिक सूचनाओं के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 जनवरी 2026 (स्वामी विवेकानंद जयंती) को पश्चिम बंगाल जाने के बारे में कोई पुष्ट घोषणा (Official Confirmation) नहीं हुई है। आम तौर पर, प्रधानमंत्री इस दिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाते हैं और अक्सर किसी बड़े "राष्ट्रीय युवा महोत्सव" (National Youth Festival) का उद्घाटन करते हैं, जो हर साल अलग-अलग राज्यों में आयोजित होता है। अगर प्रधानमंत्री स्वयं बंगाल नहीं जाते हैं, तो वे अक्सर दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बेलूर मठ या कोलकाता के कार्यक्रमों को संबोधित करते हैं। यदि 2026 का राष्ट्रीय युवा महोत्सव बंगाल में आयोजित होता है, तो उनके जाने की संभावना बहुत प्रबल हो जाएगी।