How Typhoid Happens: टाइफाइड क्या है? टाइफाइड एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है, जो टाइफाइड बुखार/ 'साल्मोनेला टाइफी (Salmonella typhi)' नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह मुख्य रूप से दूषित पानी और भोजन के सेवन से फैलता है, और यह शरीर के अंदर प्रमुख रूप से आंतों, खून और अन्य अंगों को प्रभावित करता है। टाइफाइड एक संक्रामक बीमारी है, जो अगर सही समय पर इलाज न किया जाए, तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
ALSO READ: Cold weather Tips: ठंड में रखें सेहत का ध्यान, आजमाएं ये 5 नुस्खे
टाइफाइड के कारण:
1. दूषित पानी और भोजन:
टाइफाइड मुख्य रूप से दूषित पानी और खाने से फैलता है। जब व्यक्ति दूषित पानी या अस्वच्छ भोजन खाता है, तो बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
2. संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना:
टाइफाइड से पीड़ित व्यक्ति के मल और मूत्र में बैक्टीरिया होते हैं। अगर किसी स्वस्थ व्यक्ति ने संक्रमित व्यक्ति के मल या मूत्र से संपर्क किया हो, तो यह संक्रमण फैल सकता है।
3. स्वच्छता की कमी:
अगर हाथ धोने की आदत न हो, खासकर खाना खाने से पहले, तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
4. स्वास्थ्य सेवाओं की कमी:
खराब जल आपूर्ति और अस्वच्छ शौचालय की स्थिति टाइफाइड के फैलने का प्रमुख कारण हो सकती है।
टाइफाइड के लक्षण: टाइफाइड के लक्षण आमतौर पर 1 से 3 सप्ताह के बीच दिखने लगते हैं, और इनकी गंभीरता बढ़ सकती है यदि समय पर इलाज न किया जाए। कुछ सामान्य लक्षण हैं:
1. बुखार:
टाइफाइड का सबसे सामान्य लक्षण लगातार बुखार है, जो धीरे-धीरे बढ़ता है और उच्चतम स्तर तक पहुंच सकता है। बुखार 39-40°C तक जा सकता है।
2. पेट दर्द:
पेट में तेज दर्द और ऐंठन महसूस हो सकती है, खासकर पेट के निचले हिस्से में।
3. कमजोरी और थकान:
टाइफाइड के कारण शरीर में अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होती है, जिससे सामान्य कार्यों को करना मुश्किल हो सकता है।
4. दस्त और कब्ज:
कुछ मरीजों को दस्त और कुछ को कब्ज की समस्या हो सकती है।
5. सिर दर्द और मिचली:
सिर दर्द, उल्टी, और मिचली की समस्या भी आमतौर पर टाइफाइड के लक्षण होते हैं।
6. लाल या पीले रंग का पेट:
कुछ मामलों में पेट पर लाल या पीले चकत्ते हो सकते हैं।
7. बेहोशी या भ्रम:
गंभीर मामलों में, रोगी को भ्रम, चक्कर, या बेहोशी का सामना करना पड़ सकता है।
टाइफाइड का उपचार: टाइफाइड का इलाज मुख्य रूप से एंटीबायोटिक्स के माध्यम से किया जाता है, लेकिन यह इलाज डॉक्टर की निगरानी में होना चाहिए। उपचार में शामिल कुछ सामान्य कदम हैं:
1. एंटीबायोटिक्स :
टाइफाइड का इलाज मुख्य रूप से एंटीबायोटिक्स जैसे *सीफोटेक्साइम, सीफ्रेड, एज़िथ्रोमाइसिन* या *क्लोरम्फेनीकोल* के जरिए किया जाता है। डॉक्टर लक्षणों और बैक्टीरिया के प्रकार के अनुसार उचित एंटीबायोटिक निर्धारित करेंगे।
2. हाइड्रेशन :
टाइफाइड में बुखार, दस्त और उल्टी के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है, इसलिए हाइड्रेशन बेहद जरूरी है। तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाना और ऑरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS घोल) लेना मददगार हो सकता है।
3. आहार :
हल्का और सुपाच्य भोजन जैसे खिचड़ी, दही, ताजे फल और सब्जियां खाएं। तैलीय और भारी भोजन से बचें।
4. बुखार को नियंत्रित करना :
इसे नियंत्रित करने के लिए बुखार को कम करने वाली दवाइयां दी जाती हैं।
5. कृत्रिम चिकित्सा :
गंभीर मामलों में, अस्पताल में इलाज की आवश्यकता हो सकती है, जिसमें फ्लूइड्स, पोषण, और मॉनिटरिंग शामिल है।
टाइफाइड से बचाव के उपाय:
1. स्वच्छता बनाए रखें:
हाथों को अच्छे से धोना, खासकर खाना खाने से पहले और शौचालय का उपयोग करने के बाद।
2. पानी को उबालकर पीना:
हमेशा उबला हुआ पानी ही पीना चाहिए, और पानी के स्रोत की स्वच्छता पर ध्यान दें।
3. स्वच्छ भोजन खाएं:
अस्वच्छ और खुले स्थान पर बिकने वाले खाने से बचें। ताजे और स्वच्छ पकवानों का सेवन करें।
4. टीकाकरण:
यदि आप टाइफाइड के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में जाते हैं, तो टाइफाइड का टीका लगवाना सुरक्षित होता है।
टाइफाइड, जिसे आंत्र ज्वर भी कहते हैं एक गंभीर बीमारी हो सकती है, लेकिन यदि समय पर उपचार किया जाए और स्वच्छता का ध्यान रखा जाए, तो इससे आसानी से बचा जा सकता है। यदि आपको टाइफाइड के लक्षण महसूस होते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
ALSO READ: दूषित पानी पीने से होती हैं ये 11 तरह की गंभीर बीमारियां, बचकर रहें
photo courtesy: Canva