Ganda pani ko saaf karne ka tarika: हमारे शरीर में पानी करीब 70% है और हमारे देश में लगभग 70% पानी पीने लायक नहीं है, दूषित है। दूषित पेयजल से हैजा, टाइफाइड, डायरिया पेचिश हेपेटाइटिस ए और ई पोलियो गैस्ट्रोएन्टेराइटिस जियार्डियासिस कृमि संक्रमण और ई. कोलाई संक्रमण जैसे गंभीर रोग होते हैं जो आंतों, लिवर और किडनी को खराब कर देते हैं। दस्त और उल्टी, तेज बुखार और थकान, पेट दर्द और ऐंठन, मुंह सूखना और पेशाब कम आना (डिहाइड्रेशन), आंखें और त्वचा पीली पड़ना (पीलिया)। इसके चलते किडनी और लिवर के गंभीर रोग भी हो सकते हैं। चलिए जानते हैं कि गंदा पानी कैसे साफ करें।
1. उबालकर पिएं पानी: पानी को शुद्ध करने का सबसे अच्छा तरीका है पानी को उबाल लें। पानी को 5-10 मिनट तक अच्छे से उबालें, ताकि बैक्टीरिया और कीटाणु मर जाएं। पानी को उबालने से उसको दूषित करने वाले सभी सूक्ष्म कीटाणु मर जाते हैं और जो कुछ भी दूसरी गंदगी रहती है वह भी असरदार नहीं रहती। पानी को उबालकर ठंडा होने दें और फिर उसे छानकर तांबे के भगोने में भर लें।
2. मशिन से करें शुद्ध: RO या UV फिल्टर मशिन से फ़िल्टर किया हुआ पानी पिएं। लेकिन इसे पानी का स्वाद बदल जाता है और इसके साइड इफेक्ट भी हैं। RO पानी से ज़रूरी मिनरल्स निकल जाते हैं, इसलिए प्राकृतिक तरीके बेहतर माने जाते हैं।
3. फिटकरी डालें: पानी में उचित मात्रा में फिटकरी डालने से कुछ ही देर में पानी में जमा गंदगी नीचे जम जाती है और शुद्ध पानी उपर रह जाता है। एक साफ कपड़े में थोड़ी फिटकरी बांधें और गंदे पानी में घुमाएं, जब तक पानी साफ न दिखने लगे। फिर 2-3 घंटे के लिए पानी को ढककर छोड़ दें, ताकि गंदगी नीचे बैठ जाए। फिर उस पानी को किसी अलग बर्तन या तांबे के हंडे में धीरे धीरे छानकर भर लें।
4. सूखे नारियल: सूखे नारियल के छिलके से आप पानी का ऑरो जैसा साफ कर सकते हैं। इसके लिए नारियल के सफेद वाला भाग निकाल ले और खोल को छन्नी की तरह बनाकर उसमें सूत का कपड़ा रखकर उससे धीरे धीरे पानी को छान लें। अक्सर इस तरह की खोल बगैर बिजली के चलने वाले कई प्यूरीफायर में लगी होती है।
5. सूर्य की किरणें: पानी को सूर्य की किरणों में रखने से भी पानी की शुद्धि होती है। सूर्य की किरणों से पानी में मौजूद बैक्टेरिया मर जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि सूर्य की किरणों में 6 घंटे तक पानी रखने से कीटाणु मर जाते हैं।
6. क्लोरीनीकरण: पानी को साफ करने के लिए मुख्य रूप से क्लोरीन (ब्लीचिंग पाउडर या टैबलेट) जैसी चीजें डाली या इस्तेमाल की जाती हैं, जो हानिकारक बैक्टीरिया और कीटाणुओं को खत्म करती हैं। पानी को साफ करने के लिए पोटेशियम परमैंगनेट या कभी-कभी आयोडीन का भी प्रयोग होता है। लेकिन इसे पानी का स्वाद बदल जाता है और इसके साइड इफेक्ट भी हैं।
7. कपड़े से छानना: एक साफ, नया सूती कपड़ा (खासकर खादी) 4 तह में मोड़कर पानी छानें. यह बड़े कणों को हटाता है, लेकिन इससे पानी पूरी तरह साफ हो जाएगा और बैक्टिरिया या वायरस नहीं होंगे इसकी कोई गारंटी नहीं।
नोट: गर्मी के मौसम में मिट्टी या चांदी के घड़े, मटके या सुराही में, बरसात के मौसम में तांबें के घड़े में, सर्दी के मौसम में सोने या पीतल के घड़े या बर्तन में पानी पीना चाहिए। पानी में तुलसी का पत्ता जरूर डालें। यह वात, पित्त और कफ को संतुलित करता है। पानी को साफ करने के लिए डॉक्टर या किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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