biodatamaker

संतरे के ज्यादा सेवन से हो सकता है सेहत को नुकसान, जानिए कैसे?

Published: मंगलवार, 4 मई 2021 (12:44 IST)
Orange n Health
 
गर्मी आते ही संतरों का मौसम भी आ जाता है, संतरे और उनका जूस तपती गर्मी में लाजवाब लगते है। वैसे तो संतरे का सेवन किसी भी रूप में करना सेहत और सौन्दर्य दोनों के लिहाज से बहुत फायदेमंद होता है। लेकिन अगर संतरे का सेवन गलत समय पर किया जाए या उन्हें जरूरत से ज्यादा खा लिया जाए, तो ये नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।
आइए जानते हैं, संतरे किस तरह शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं -
 
1 जरूरत से ज्यादा संतरे का सेवन दांतों के लिए हानिकारक हो सकता है। दांतों पर इनेमल की परत होती है जो उनकी सुरक्षा करती है। लेकिन संतरे में एसिड मौजूद होते है जो दांतों के इनेमल में मौजूद कैल्शियम से मिलकर रिएक्शन करने लगते है। जो दांतों के लिए हानिकारक होता है।
 
2 माना जाता है कि संतरे में मौजूद कार्बोहाइड्रेट खून में ग्लाइसेमिक इंडेक्स के लोड को बढ़ा देता है। संतरे में फाइबर, कार्बोहाइड्रेट की मात्रा काफी होती है जो भूख भी बढ़ा सकती है और ज्यादा खाने से आपको वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है।
 
3 वैसे तो संतरे में विटामिन सी के अलावा कई पौष्टिक तत्व होते है जैसे विटामिन ए, बी कॉप्लेक्स, फ्लेवोनॉयड, अमिनो एसिड आदि, जो सेहत और त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद साबित होते है, लेकिन संतरे को सही समय पर खाना जरूरी है। संतरे को कभी भी एकदम सुबह और रात में नहीं खाना चाहिए। कोशिश करें कि संतरे को हमेशा दिन में ही खाएं।
 

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक मंच पर बढ़ायी भारत की प्रतिष्ठा और मान-सम्मान

नया भारत, नई उड़ान: मोदी युग में आत्मविश्वास का नया शिखर

17 सितंबर जन्मदिन पर विशेष: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में 25 दिलचस्प बातें

भारत के राष्ट्र-निर्माता और इंजीनियरिंग के मसीहा: सर एम. विश्वेश्वरैया

हिंदी दिवस विशेष: जानिए कैसे हिंदी राष्ट्रभाषा के गौरव से वंचित रह गई?

अगला लेख