Hanuman Chalisa

इतने प्रदूषण के बीच भी रह सकते हैं स्वस्थ, पढ़ें प्राकृतिक इलाज

डॉ. मनोहर भंडारी
आपकी सेहत : पर्यावरण प्रदूषण के बीच कैसे रहें स्वस्थ... 
 
- डॉ. मनोहर भंडारी
 
 
पर्यावरण प्रदूषण के साथ ही मानव नई-नई बीमारियों से जूझने के लिए विवश हुआ है। स्वच्छ प्राकृतिक वातावरण में स्वच्छंद विचरण करता मानव हालांकि आज के आम व्यक्ति के मुकाबले लगभग तीन गुना अधिक शक्कर (कार्बोहाइड्रेट) और चर्बी (फेट) खाता था और उसकी ऊर्जा खपत भी 7500 से 8000 किलो कैलोरी थी, जो वर्तमान में दो से ढाई हजार है। 
 
तीन गुना ऊर्जा की खपत उनके लिए आसान थी क्योंकि वे भोजन और पानी की तलाश में निरंतर भटकते (चलते) रहते थे। यह श्रम ही था कि वे कभी मोटापे या मोटापा जनित शारीरिक विकारों से क्लांत नहीं हुए। 
 
प्रकृति के विनाश के ‍जरिए अपने विकास का सपना भौतिक सुविधाओं की दृष्टि से भले ही पूरा हो गया आभासित होता है मगर वस्तुत: इस तथाकथित महाविकास से जुटी भौतिक सुविधाओं का सुखद या आनंददायी तथा सुकूनदायक उपभोग एक दु:स्वप्न सिद्ध हुआ है। 
 
पैसा है मगर मोटापा है, हृदय रोग है, पेट रोग है, मधुमेह है, तनाव है। भोजन है, भूख नहीं। भोजन है मगर डॉक्टरी प्रतिबंध जबर्दस्त हैं। फास्ट, जंक और न जाने कैसे-कैसे तैयार भोजनों, शारीरिक श्रम के अभाव में तथा आ‍धुनिक जीवन शैली के चलते कब्ज नामक बीमारी ने लगभग 50 प्रतिशत से ज्यादा लोगों को येन-केन प्रकारेण अपनी गिरफ्त में ले लिया है। 
 
प्रकृति के विनाश के जरिए अपने विकास का सपना भौतिक सुविधाओं की दृष्टि से भले ही पूरा हो गया आभासित होता है, मगर वस्तुत: इस तथाकथित महाविकास से जुटी भौतिक सुविधाओं का सुखद या आनंददायी तथा सुकूनदायक उपभोग एक दु:स्वप्न सिद्ध हुआ है।
 
तमाम तरह के चूर्णों के बावजूद राहत की चाहत अपूर्ण ही रह जाती है। नई-नई दवाओं के निर्माता अखबारों में कब्ज के रोगियों को राहत के बेहतरीन सब्जबाग दिखाने वाले विज्ञापनों का सहारा लेकर भले ही अपने व्यापार को खूब फला-फूला देख रहे हों मगर रोगियों की हालत कुछ ऐसी बनी रहती है- ‘राही (दवाएं) बदल गए हैं, मगर रस्ता (रोग) है वही।‘
 
प्रदूषण के बीच अच्छी सेहत के 3 प्राकृतिक इलाज जानिए 
 
यहां चंद प्राकृतिक तरीके दिए जा रहे हैं, जो रोगियों को शीघ्र राहत दे सकते हैं : - 
 
• सुबह-सुबह बिना मुंह (कुल्ला किए बिना) धोए, एक से चार गिलास पानी पीना शुरू करें। 
 
• शौच और मुख मार्जन से निपटकर 5-7 मिनट के लिए कुछ शारीरिक कसरत (शरीर संचालन) करें। 
 
• दोनों समय के भोजन में सलाद (खीरा ककड़ी, गाजर, टमाटर, मूली, पत्ता गोभी, शलजम, प्याज, हरा धनिया) थोड़ी मात्रा में ही सही, अवश्य शामिल करें। 
 
प्रदूषण के इस नवयुग में दवाइयां कब्ज से निजात कदापि नहीं दिला सकती हैं। यह बात जेहन में गहराई से उतार लीजिए। लेकिन यही चंद प्राकृतिक तरीके आपको हमेशा स्वस्थ रख सकते हैं।

Show comments

सभी देखें

Monsoon Glow Secrets: उमस भरे मौसम में भी चेहरे पर रहेगा पार्लर जैसा निखार, नोट कर लें ये नेचुरल स्किन केयर टिप्स

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

घर पर BP चेक करते समय न करें ये गलतियां, जानें ब्लड प्रेशर नापने का सही तरीका

Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी

BP Control Tips: हाई ब्लडप्रेशर कम करने के घरेलू उपाय

सभी देखें

ये हमारी कहानी नहीं हैं, हमारी कहानी कुछ और है, जिसे हमें खोजना है

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता (फिर इंदौर) हमारा

Banyan Tree Benefits: शीघ्रपतन और वीर्य के पतलेपन से हैं परेशान? आयुर्वेद में छिपा है बरगद के फल और दूध का यह पारंपरिक नुस्खा

World Emoji Day 2026: विश्व इमोजी दिवस: कब और क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और रोचक तथ्य

अगला लेख