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Pregnancy : गर्भावस्था में stretch marks से पाएं निजात, अपनाएं खास टिप्स

Updated: शनिवार, 2 मई 2020 (11:42 IST)
महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान स्ट्रेच मार्क्स होना एक आम समस्या है, क्योंकि इस दौरान आपका शरीर बदलता है और उस अवस्था में ढलता है, जो आपके होने वाले शिशु के विकास के लिए जगह दे व उसे आने के लिए अनुकूलता दें।


इस दौरान आपका वजन व आकार बढ़ता है। और जब भी आपकी त्वचा अपनी फ्लेक्सिबिलिटी या जरूरत से ज्यादा खिंच जाती है तो त्वचा में मौजूद कोलेजन टिशू कमजोर होकर टूट जाते हैं। इस कारण आपकी त्वचा पर शुरू में गुलाबी या लाल रंग के स्कार्स यानी निशान दिखते हैं, जो बाद में सिल्वर या सफेद लाइन में तब्दील हो जाते हैं जिन्हें ही हम आम भाषा में स्ट्रेच मार्क्स कहते हैं।
 
स्ट्रेच मार्क्स ज्यादातर गर्भावस्था के दौरान पेट के साथ ही स्तन, जांघों और नितंबों पर दिखाई देते हैं, विशेष रूप से दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान ये दिखते हैं। हालांकि इसके आने के अन्य कारण भी हो सकते हैं, जैसे एकदम से वजन बढ़ जाना या कम हो जाना, आनुवांशिक व हार्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी आदि।

स्ट्रेच मार्क्स गर्भावस्था की एक ऐसी छाप हैं, जो किसी भी महिला को पसंद नहीं हैं। लेकिन दुर्भाग्य से 75 से 90 प्रतिशत महिलाओं को मां बनने के सुखद अनुभव को पाने के लिए शरीर पर इन निशानों को झेलना होता है और यह छाप हमेशा के लिए रह जाती है। हालांकि अगर समय रहते ध्यान दिया जाए तो आप इन निशानों को काफी हद तक कम व हल्का कर सकती हैं।
 
आपको केवल यह सुनिश्चित करना है कि आपकी त्वचा गर्भावस्था के दौरान अपनी फ्लेक्सिबिलिटी बरकरार रख सकें जिससे कि शरीर में होने वाले खिंचाव को वह नियंत्रित कर सके। आइए जानते हैं स्ट्रेच मार्क्स हल्के करने के कुछ तरीके...
 
1. अपनी त्वचा को नम रखें
 
आप अपने पेट व अन्य हिस्से, जहां स्ट्रेच मार्क्स होने की आशंका है, की त्वचा को हाइड्रेट करने के लिए किसी भी अच्छे मॉइस्चराइजर का उपयोग करें। नारियल का तेल, कोको बटर, बादाम का तेल, शिया बटर और गेहूं के बीज का तेल त्वचा को मॉइस्चराइज रखने के लिए लोकप्रिय और प्रभावी विकल्प है। इन तेलों में एंटीऑक्सीडेंट्स गुण होते हैं, जो नई त्वचा को बनाने व स्किन को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। आप सुबह नहाने के बाद और रात को सोने से पहले इन मॉइस्चराइज का उपयोग करें। जिस हिस्से में आपको इरिटेशन ज्यादा हो, वहां ज्यादा बार मॉइस्चराइज करें। प्रभावित हिस्से पर अपनी पसंद का तेल लेकर सर्कुलर मोशन में धीरे-धीरे मसाज करें। आप एलोवेरा जेल का उपयोग भी कर सकती हैं। ये आपके स्ट्रेच मार्क्स को कम करने में मदद करता है।
 
2. अपना वजन संतुलित रखें
 
स्ट्रेच मार्क्स से बचने का एक और तरीका यह है कि आप अपना वजन नियंत्रित रखें। तेजी से वजन बढ़ने पर त्वचा बहुत ही कम समय में अधिक खिंचा जाती है जिससे खिंचाव के निशान ज्यादा गहरे हो जाते हैं। गर्भावस्था के दौरान बहुत ही कम समय में ही 9 से 12 किलो तक वजन का बढ़ना तो सामान्य है ही, लेकिन कोशिश कीजिए कि इससे ज्यादा वजन न बढ़ने पाए और इतना वजन भी एकदम से न बढ़ते हुए धीरे-धीरे बढ़े। इस समय आपको पहले से थोड़ी ज्यादा कैलोरी लेने की जरूरत होती है। लेकिन यह कैलोरी पौष्टिक खाने से ही आने दे। वजन बढ़ाने के लिए वसा, मीठा व क्रीम खाने की जरूरत नहीं है।
 
3. व्यायाम
 
गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से व्यायाम करते रहिए। इससे आपका ब्लड सर्कुलेशन अच्छा रहेगा जिससे कि स्किन का लचीलापन बना रहेगा। व्यायाम व स्ट्रेचिंग से पसीना आता है जिससे आपके शरीर से टॉक्सिन पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और आपका वजन भी एकदम से नहीं बढ़ सकेगा जिससे कि आपको गहरे स्ट्रेच मार्क्स से बचने में मदद मिलेगी। अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही आसन आप करें और प्रसूति के बाद भी अपने शरीर की कसावट बरकरार रखने के लिए, स्किन को टोंड रखने व मार्क्स को हल्के करने के लिए आप व्यायाम करना न छोड़ें।
 
4. हाइड्रेटेड रहिए
 
चाहे आप गर्भवती हों या न भी हों, लेकिन भरपूर मात्रा में पानी पीते रहना हमेशा ही एक स्वस्थ त्वचा के लिए जरूरी होता है। पानी डिटॉक्सिफिकेशन का काम तो करता ही है, साथ ही आपकी स्किन को भरा-पूरा रखता है व त्वचा में लोच बनाए रखने में मदद करता है। 8 से 10 गिलास पानी तो आपको पूरे दिन में कम से कम पीना ही चाहिए।
 

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