suvichar
✕

नींद भी मेरे नयन की...

Written By WD
Published: शनिवार, 26 अप्रैल 2008 (17:14 IST)
ND

प्राण! पहले तो हृदय तुमने चुराया,
छीन ली अब नींद भी मेरे नयन की।

बीत जाती रात हो जाता सवेरा,
पर नयन-पंछी नहीं लेते बसेरा,
बन्द पंखों में किये आकाश-धरती,
खोजते फिरते अँधेरे का उजेरा।

पंख थकते, प्राण थकते, रात थकती
खोजने की चाह पर थकती न मन की,
छीन ली अब नींद भी मेरे नयन की।

स्वप्न सोते स्वर्ण तक अँचल पसारे,
डालकर गल-बांह भू-नभ के किनारे,
किस तरह सोऊं मगर मैं पास आकर,
बैठ जाते हैं उतर नभ से सितारे।

और हैं मुझको सुनाते वह कहानी
हैं लगा देते झड़ी जो अश्रु-धन की।
छीन ली अब नींद भी मेरे नयन की
सिर्फ क्षण भर तुम बने मेहमान घर में,
पर सदा को बस गये बन याद उर में,
रूप का जादू दिया वह डाल मुझ पर,
आज मैं अनजान अपने ही नगर में।

किन्तु फिर भी मन तुम्हें ही प्यार करता,
क्या करूं आदत पड़ी है बालपन की।
छीन ली अब नींद भी मेरे नयन की

पर न अब मुझको रुलाओ और ज्यादा,
पर न अब मुझको मिटाओ और ज्यादा,
हूं बहुत मैं सह चुका उपहास जग का,
अब न मुझ पर मुस्कराओ और ज्यादा।

धैर्य का भी तो कहीं पर अन्त है प्रिय!
और सीमा भी कहीं पर है सहन की।
छीन ली अब नींद भी मेरे नयन की।

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

कब है सरदार पटेल जयंती? क्यों कहा जाता है उन्‍हें लौह पुरुष? जानें उनसे जुड़ी अनसुनी बातें

मीराबाई जयंती 2026: क्या कृष्ण भक्ति में लीन मीरा सचमुच मूर्ति में समा गई थीं? जानिए उनकी जिंदगी के 5 अनोखे रहस्य!

मूर्खता भी बन सकती है कृत्रिम बुद्धिमत्ता, AI पर क्यों आमने-सामने हैं अमेरिका और चीन

कब मनाया जाएगा आचार्य विद्यासागर का जन्‍मोत्‍सव, जानिए उनके जीवन से जुड़ी खास बातें...

कौन थे महर्षि वाल्मीकि? कब मनाई जाएगी उनकी जयंती? जानिए उनके बारे में रोचक बातें