Hanuman Chalisa

तुम दिवाली बन कर

Written By WD
Updated: शुक्रवार, 18 जनवरी 2008 (15:04 IST)
- नीर ज

ND
तुम दिवाली बनकर जग का तम दूर कर ो,
मैं होली बनकर बिछड़े हृदय मिलाऊँगा !

सूनी है माँग निशा की चँदा उगा नही ं
हर द्वार पड़ा खामोश सबेरा रूठ गय ा,
है गगन विक ल, आ गया सितारों का पतझ र
तम ऎसा है कि उजाले का दिल टूट गय ा,
तुम जाओ घर-घर दीपक बनकर मुस्का ओ
मैं भाल-भाल पर कुमकुम बन लग जाऊँगा !

तुम दिवाली बनकर जग का तम दूर कर ो,
मैं होली बनकर बिछड़े हृदय मिलाऊँगा !

कर रहा नृत्य विध्वं स, सृजन के थके चर ण,
संस्कृति की इति हो रह ी, क्रुद्व हैं दुर्वास ा,
बिक रही द्रौपदी नग्न खड़ी चौराहे प र,
पढ़ रहा किन्तु साहित्य सितारों की भाष ा,
तुम गाकर दीपक राग जगा दो मुर्दों क ो
मैं जीवित को जीने का अर्थ बताऊँगा !

तुम दिवाली बनकर जग का तम दूर कर ो,
मैं होली बनकर बिछड़े हृदय मिलाऊँगा !

इस कदर बढ़ रही है बेबसी बहारों क ी
फूलों को मुस्काना तक मना हो गया ह ै,
इस तरह हो रही है पशुता की पशु-क्रीड़ ा
लगता है दुनिया से इन्सान खो गया ह ै,
तुम जाओ भटकों को रास्ता बता आ ओ
मैं इतिहास को नए सफे दे जाऊँगा !

तुम दिवाली बनकर जग का तम दूर कर ो,
मैं होली बनकर बिछड़े हृदय मिलाऊँगा !

मैं देख रहा नन्दन सी चन्दन बगिया मे ं,
रक्त के बीज फिर बोने की तैयारी ह ै,
मैं देख रहा परिमल पराग की छाया मे ं
उड़ कर आ बैठी फिर कोई चिन्गारी ह ै,
पीने को यह सब आग बनो यदि तुम साव न
मैं तलवारों से मेंघ-मल्हार गवाऊँगा !

तुम दीवाली बनकर जग का तम दूर कर ो,
मैं होली बनकर बिछड़े हृदय मिलाऊँगा !

जब खेल रही है सारी धरती लहरों स े
तब कब तक तट पर अपना रहना सम्भव है !
संसार जल रहा है जब दु:ख की ज्वाला मे ं
तब कैसे अपने सुख को सहना सम्भव है !
मिटते मानव और मानवता की रक्षा मे ं
प्रिय ! तुम भी मिट जान ा, मैं भी मिट जाऊँगा !

तुम दिवाली बनकर जग का तम दूर कर ो,
मैं होली बनकर बिछड़े हृदय मिलाऊँगा !

Show comments

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

राष्ट्र निर्माता शिक्षक का सम्मान एक ही दिन क्यों?

बच्चों के मन को सबल और एकाग्र करने का आनापान ध्यान शिविर

जन नेता कामरेड होमी एफ दाजी - शताब्दी पर जयजगत!

Teachers Day 2026: हर शिक्षक अपने विद्यार्थियों से कहना चाहता है ये 5 बातें, पढ़कर भावुक हो जाएंगे आप

Teachers Day 2026: दिल छू लेंगे ये 10 मोटिवेशनल कोट्स, अपने पसंदीदा टीचर को भेजकर बनाएँ उनका दिन खास