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1 जुलाई : इंटरनेशनल जोक डे कैसे मनाएं, ढूंढिए हंसने और हंसाने का बहाना

Updated: शनिवार, 30 जून 2018 (17:02 IST)
इंटरनेशनल जोक्स डे मनाने का मुख्य उद्देश्य हंसना और हंसाना है। आप भी इस दिन जोक्स के जरिए अपने आसपास के लोगों को हंसने पर मजबूर कीजिए। दुनिया भले ही अलग-अलग धर्म और संस्कृति में बंटती हो, लेकिन एक बात दुनियाभर के हर इंसान को एक-दूसरे से जोड़ती है, वह है हास्य-व्यंग्य। हंसी-खुशी, मस्ती-मजाक ऐसे भाव हैं जिनका संचार इंसान को इंसान से जोड़ता है।
 
आप चाहें जिस भी धर्म या जाति के हों, जोक्स के प्रति आपकी प्रतिक्रियाएं एक जैसी ही होती हैं। हर व्यक्ति अपने जीवन में खुशी चाहता है। आजकल की तनावभरी जिंदगी में जोक्स हमारे तनाव को कम कर हमें खुश रखने में बेहद खास भूमिका निभाता है। जिस प्रकार रोटी, कपड़ा और मकान इंसान के लिए बेहद जरूरी हैं, उसी प्रकार खुशी या हास्य भी जीवन के विकास के लिए बेहद आवश्यक हैं। 
 
इसीलिए इसके कई फायदों और महत्ता को देखते हुए पूरी दुनिया में 1 जुलाई को 'इंटरनेशनल जोक्स डे' मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य हर चेहरे पर मुस्कान लाना और हास्य से पूरी दुनिया को जोड़ते हुए उसे प्रसारि‍त करना है। 
 
कैसे मनाएं यह दिन-  इंटरनेशनल जोक्स डे मनाने का मुख्य उद्देश्य हंसना और हंसाना है। आप भी इस दिन जोक्स के जरिए अपने आसपास के लोगों को हंसने पर मजबूर कीजिए। टीवी, रेडियो, जोक्स, कॉमेडी फिल्म के माध्यम से इस दिन को आप मना सकते हैं। बाजार में भी जोक्स की कई किताबें मि‍ल सकती हैं और इंटरनेट तो है ही, जहां आपके लिए जोक्स और फनी चीजों का भंडार उपलब्ध है।
 
* इस दिन आप अपने सभी दोस्तों और रिश्तेदारों को मजेदार जोक्स भेजकर या मेल करके खुशी दे सकते हैं।

 
* घर में बैठकर सभी के साथ कॉमेडी फिल्म या शो देख सकते हैं।
 
* छोटी-मोटी गेट-टुगेदर कर जोक्स सुनाकर सबके साथ मस्ती-मजाकभरे पलों को बिता सकते हैं।
 
* किसी वृद्धाश्रम में जाकर इस दिन सभी को जोक्स सुनाकर या कॉमेडी शो दिखाकर खुशियां बांट सकते हैं।


* कुछ मजेदार गेम्स या टास्क ऑर्गेनाइज कर सकते हैं जिसमें सोसायटी को शामिल किया जा सकता है।

 
* आप अगर चाहें तो किसी स्कूल या अनाथ आश्रम में जाकर बच्चों के बीच इस दिन को मना सकते हैं, क्योंकि बच्चे ही सबसे ज्यादा जोक्स को एंजॉय करते हैं।
 
यह दिन आपके लिए एक बेहतर अवसर है, अपने आसपास की दुनिया में खुशी बिखेरने का...! इसे जाने मत दीजिए। जितना हो सके, इस दिन को सेलीब्रेट कीजिए, एक दिन ही सही, लेकिन खुद को खुश रखने और तनाव से दूर भागने का अच्छा बहाना साबित हो सकता है यह दिन।

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उद्भव- हास्य के लिए जोक्स की भूमिका को देखते हुए 'इंटरनेशनल जोक्स डे' को सबसे पहले संयुक्त राज्य अमेरिका में मनाया गया था। वैसे तो जोक्स के इतिहास के बारे में कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिलता, लेकिन ऐसा कहा जाता है कि सर्वप्रथम जोक्स का आविष्कार यूनान में हुआ था। आज भी ग्रीस में बने श्रेष्ठतम कॉमेडी क्लब वहां का गौरव हैं, जो भारत के साथ ही अन्य देशों में भी स्टैंड-अप कॉमेडी क्लब के नाम से जाने जाते हैं। 
 
हास्य का महत्व- जोक्स, हास्य का वह माध्यम है, जो एक ही समय में एक साथ हजारों-करोड़ों लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने के साथ ही उन्हें ठ‍हाका लगाने पर मजबूर कर सकता है। यह सकारात्मक ऊर्जा का सशक्त माध्यम है। शायद इसीलिए जब भी आप हंस रहे होते हैं या ठहाका लगा रहे होते हैं, तब आपको कुछ भी याद नहीं रहता सिवाय हास्य के। जब आप हंसते हैं तो आपके दिमाग की सारी नकारात्मक बातें गुम-सी हो जाती हैं और आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। 
 
हंसने और हंसाने के फायदे- हास्य के जीवन में अपने फायदे हैं फिर चाहे वह मानसिक तनाव को दूर करने के लिए हो या खुश रहने के साथ शारीरिक स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए हो। हास्य को 'बेस्ट मेडि‍सिन' कहा गया है। इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाकर आधी बीमारियों को बिना दवा के भी ठीक किया जा सकता है। समाज में प्रसार के लिए जोक्स की अहम भूमिका है। जोक्स या किसी भी हास्य को देखना या सुनना दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर को वे सिग्नल्स देता है, जो हमें अच्छा या बेहतर महसूस कराते हैं।

 
एक छोटी-सी मुस्कान भी किसी भी तकलीफ या परेशानी के दर्द को कम कर देती है। यही कारण है कि विश्व के अनेक देशों में अस्पतालों में भी छोटे-छोटे लॉफिंग क्लब या सेशंस शुरू कर दिए गए हैं। इनके जरिए मरीजों का तनाव कम होता है और वे खुश रहते हैं जिससे उनके जल्दी ठीक होने की उम्मीद बढ़ जाती है।
 

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