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15 जनवरी : भारतीय थल सेना दिवस, जानें खास बातें और 2024 की थीम

Written By WD Feature Desk
Updated: सोमवार, 15 जनवरी 2024 (10:58 IST)
Indian Army Day January 15 : आज 15 जनवरी को सेना दिवस भारत या थल सेना दिवस मनाया जाता है। आइए यहां जानते हैं किसके सम्मान में और क्यों मनाया जाता है भारतीय थल सेना दिवस। जानें इस दिन के महत्व और 2024 की थीम के बारे में....
 
• फील्ड मार्शल केएम करियप्पा की याद में ही भारत में हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। 
 
• देश की सीमाओं की चौकसी करने वाली भारतीय सेना अपनी गौरवशाली परंपरा का निर्वाह करते हुए हर साल जनवरी महीने में सेना दिवस मनाती है और इस दौरान अपने दम-खम का प्रदर्शन करने के साथ ही उस दिन को पूरी श्रद्धा से याद करती है, जब सेना की कमान पहली बार एक भारतीय के हाथ में आई थी।
 
• थल सेना दिवस 15 जनवरी को मनाया जाता है। सन् 1947 में भारत को स्वतंत्रता मिलने के तुंरत बाद भारतीय थल सेना की स्थापना हुई थी। 
 
• लेफ्टिनेंट जनरल (बाद में फील्ड मार्शल) बने केएम करियप्पा ने 15 जनवरी के दिन भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडिग इन चीफ के रूप में वर्ष 1948 में अंतिम ब्रिटिश कमांडर सर फ्रैंसिस बुचर से पद भार लेकर उसे संभाला था। इस तरह लेफ्टिनेंट करियप्पा लोकतांत्रिक भारत के पहले सेना प्रमुख बने।
 
• भारतीय थल सेना विश्व की दूसरी सबसे बड़ी सेना है। यह पूर्णतः स्वेच्छिक सेवा है। भारतीय रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत थल सेना का नियंत्रण और संचालन का कार्य होता है। 
 
• इस मौके पर सेना के अत्याधुनिक हथियारों और साजो-सामान जैसे टैंक, मिसाइल, बख्तरबंद वाहन आदि प्रदर्शित किए जाते हैं।
 
• इस दिन भारत की राजधानी दिल्ली और सेना के सभी छह कमान मुख्यालयों में परेड आयोजित की जाती है और सेना अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन करती है। 
 
• इस दिन सेना प्रमुख दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने वाले जवानों और जंग के दौरान देश के लिए बलिदान करने वाले शहीदों की विधवाओं को सेना मैडल और अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है।
 
• इस दिन परेड के दौरान सेना जंग का एक नमूना पेश करती है और इस दौरान अपने प्रतिक्रिया कौशल और रणनीति के बारे में बताती है। 
 
• इस परेड और हथियारों के प्रदर्शन का उद्देश्य दुनिया को अपनी ताकत का एहसास कराना तथा देश के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए  प्रेरित करना है।
 
• भारतीय सेना अपने सेवानिवृत्त सैनिकों, वीर नारियों और विधवाओं के कल्याण के लिए कई योजनाएं भी चलाती है जिनमें पेंशन, बच्चों के लिए सैनिक स्कूल, सस्ती कीमत पर आवास, बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना शामिल है।
 
• इस दिन की शुरुआत यहां इंडिया गेट पर बनी अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ होती है।
 
• वर्तमान में जनरल मनोज पांडे भारतीय सेना के वर्तमान प्रमुख हैं, जिन्होंने 30 अप्रैल 2022 को 29वें सेनाध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला। इसके पहले थल सेना के प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे थे, जिन्होंने 31 दिसंबर 2019 को यह पद संभाला था। भारत के थल सेनाध्यक्ष (चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) भारत की थल सेना के सेनापति होते हैं। 
 
• भारतीय सेना समय आने पर देश में होने वाली प्राकृतिक आपदाओं के वक्त भी अपनी जी जान लगाकर देशवासियों की रक्षा करने में जुट जाती है। 
 
• भारतीय थल सेना में फील्ड मार्शल का पद उच्चतम माना जाता है। यह एक मानद पद है जो केंद्र सरकार की अनुशंसा पर राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है। केवल विशिष्ट परिस्थितियों में ही इसकी अनुशंसा की जाती है। भारतीय सेना के वीर जवानों को थल सेना दिवस पर शत्-शत् नमन। 
 
• भारतीय सेना वर्ष 2024 में अपना 76वां आर्मी डे मना रही है। अत: आज का दिन यह भारतीय थल सेना के जज्बे, बहादुरी और शौर्य का प्रतीक है तथा सभी भारतवासी उनके इस अदम्य साहस को सलाम करता है।
 
भारतीय सेना दिवस की थीम 2024 : Indian Army Day 2024 Theme
थल सेना दिवस 2024 की थीम 'राष्ट्र की सेवा में' (In Service of the Nation) रखी गई है। यानी समर्पण, अटूट प्रतिबद्धता और व्यावसायिकता के साथ राष्ट्र की सेवा करना है। 
 
जय हिंद, जय हिंद की सेना!! 
 
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