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करें ऑनलाइन 'गणेश पूजन'

Written By WD
Updated: शनिवार, 22 अगस्त 2009 (11:39 IST)
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भाद्रपद शुक्ल की चतुर्थी ही गणेश चतुर्थी कहलाती है। श्री गणेशजी विघ्न विनाशक हैं। इन्हें देवसमाज में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है।
गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर अब आप कर सकतें है ऑनलाइन 'गणेश पूजन'


भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मध्याह्न के समय गणेशजी का जन्म हुआ था। श्री गणेशजी बुद्धि के देवता हैं। गणेशजी का वाहन चूहा है। ऋद्धि तथा सिद्धि इनकी दो पत्नियाँ हैं। इनका सर्वप्रिय भोग मोदक (लड्डू) है।


भगवान गणपति की आरती करने के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें
गणेश पूजन करें

आरती करने हेतु निम्न निर्देशों का पालन करें -
* पुष्प अर्पण करने हेतु 'पुष्प' पर क्लिक करें
* फलो का प्रसाद अर्पण करने हेतु थाली में रखे फलों पर क्लिक करें
* मिष्ठान का प्रसाद अर्पण करने हेतु थाली में रखे मिष्ठान पर क्लिक करें
* घंटी बजाने के लिए 'घंटी' पर क्लिक करें
* दीपक से आरती करने के लिए 'दीपक' पर क्लिक करें
* आरती करने के लिए 'प्ले आरती' पर क्लिक करें

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