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गणेश चतुर्थी : इस तरीके से अर्पित करें दूर्वा तो होंगे गणेशजी प्रसन्न

Updated: गुरुवार, 9 सितम्बर 2021 (15:45 IST)
भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश जी का जन्म हुआ था। चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक अर्थात 10 दिनों तक गणेश उत्सव मनाया जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार 10 सितंबर से 19 सितंबर तक यह त्योहार रहेगा। आओ जानते हैं कि किस तरह गणेशजी को दूर्वा अर्पित करना चाहिए।
 
 
कैसे चढ़ाएं दूर्वा : 
1. प्रात:काल उठकर गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर के सामने बैठकर व्रत और पूजा का संकल्प लें। 
 
2. फिर ऊं गं गणपतयै नम: मंत्र बोलते हुए जितनी पूजा सामग्री उपलब्ध हो उनसे भगवान श्रीगणेश की पूजा करें। 
 
3. गणेशजी की मूर्ति पर सिंदूर लगाएं। फिर उन्हें 21 गुड़ की ढेली के साथ 21 दूर्वा चढ़ाएं। मतलब 21 बार 21 दूर्वा की गाठें अर्पित करना चाहिए। इसके अलावा गणेशजी को मोदक और मोदीचूर के 21 लड्डू भी अर्पित करें। इसके बाद आरती करें और फिर प्रसाद बांट दें।
 
4. दूर्वा अर्पित करने का मंत्र : 'श्री गणेशाय नमः दूर्वांकुरान् समर्पयामि।' : इस मंत्र के साथ श्रीगणेशजी को दूर्वा चढ़ाने से जीवन की सभी विघ्न समाप्त हो जाते हैं और श्रीगणेशजी प्रसन्न होकर सुख एवं समृद्धि प्रदान करते हैं।
 
5. क्या होगा दूर्वा अर्पित करने से : इस दिन गणेशजी को दूर्वा चढ़ाकर विशेष पूजा की जाती है। ऐसा करने से परिवार में समृद्धि बढ़ती है और मनोकामना भी पूरी होती है। इस व्रत का जिक्र स्कंद, शिव और गणेश पुराण में किया गया है।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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