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Ganesh Chaturthi 2020 | गणेशजी की उत्पत्ति के 2 रहस्य

Updated: शुक्रवार, 21 अगस्त 2020 (15:02 IST)
पुराणों में गणेशजी की उत्पत्ति की विरोधाभासी कथाएं मिलती हैं। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मध्याह्न के समय गणेशजी का जन्म हुआ था। श्री गणेश का जन्म भाद्रप्रद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को दोपहर 12 बजे हुआ था। आओ जानते हैं गणपतिजी की उत्पत्ति के 5 रहस्य।
 
 
1. पुराणों के अनुसार माता पार्वती ने पुत्र की प्राप्ति के लिए पुण्यक नामक उपवास या व्रत किया था। इसी उपवास के चलते माता पार्वती को श्री गणेश पुत्र रूप में प्राप्त हुए। इस व्रत के लिए शिवजी ने इंद्र से पारिजात वृक्ष देने को कहा परंतु इंद्र ने इसके लिए इनकार कर दिया था तब उन्होंने पार्वती के व्रत के लिए पारिजात के एक वन का ही निर्माण कर दिया था।
 
2. शिव महापुराण के अनुसार माता पार्वती को गणेशजी का निर्माण करने का विचार उन्हीं की सखी जया और विजया ने दिया था। उनकी सखियों ने उनसे कहा था कि नंदी और सभी गण सिर्फ महादेव की आज्ञा का ही पालन करते हैं इसलिए आपको भी एक ऐसे गण की रचना करनी चाहिए, जो सिर्फ आपकी ही आज्ञा का पालन करे। इस विचार से प्रभावित होकर माता पार्वती ने श्री गणेश की रचना अपने शरीर के मैल से की।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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