Hanuman Chalisa

अपना तो माई-बाप रुपैया

हमारी करेंसी को प्रतीक चिह्न

Written By ND
Updated: सोमवार, 6 दिसंबर 2010 (16:19 IST)
- सूर्यकुमार पांडे य
ND

भारतीय रुपए को नया चिह्न मिला। इसके 'रु' में पहले का झुका हुआ 'उ' तनकर सीधा हो लिया। हमने भी दुनिया जहान के सामने तनकर डॉलर का कॉलर पकड़कर कहा- 'देखो दुनिया वालों, हमारी करेंसी के पास भी प्रतीक चिह्न है।'

वैसे इस रुपए की विशेषता ही यह है कि जिसकी अंटी में होता है, वह तना-तना ही घूमता है। सारी दुनिया को अपने ठेंगे पर रखता है। आज 'कर्म प्रधान विश्व रचि राखा' की जगह पर 'वित्त प्रधान विश्व रचि राखा' का समय है। पास में वित्त हो तो किसी को भी चित किया जा सकता है। गाँठ में पैसे हों तो कुछ भी और किसी को भी खरीदा जा सकता है।

दुनिया का हर माल बिकाऊ है। कोई दस टके में बिकता है, कोई दस करोड़ में। डिगने वाली चीज का ही दूसरा नाम ईमान है। यह नोट देखते ही डिग लेता है। इसीलिए पैसा महान है। पैसा ही जहान है। तभी तो हर कोई ठन-ठन गोपाल की पूजा में लगा हुआ है। 'आरती नोट मुरारी की, जयति जय वित्त बिहारी की' गा रहा है। जिसके पास पैसा है, वह भी। जिसके पास नहीं है, वह भी।

ND
' बाप बड़ा ना भैया, सबसे बड़ा रुपैया' वाली कहावत यूँ ही तो नहीं बनी है! यदि धन है तो सारे संसाधन हैं। सभी रास्ते लक्ष्मी माई रोड से होकर ही निकलते हैं। आज के जमाने में रुपया ही लोगों का माई-बाप हो गया है। मेरे एक धनीले परिचित हैं। उनकी मान्यता थोड़ी अलग तरह की है। उनके विचार से रुपया उसी के पास होना चाहिए, जिसके पास पहले से ही हो।

बे-पैसे वाले के पास आ गया तो उसकी गति 'क्षुद्र नदी भरि चली उतराई' वाली हो जाती है। पॉकेट से कमजोर लोग पैसा पाते ही बौरा जाते हैं। भारी पेट वाला पचाने की कूव्वत रखता है। समुद्र में थोड़ा जल आ जाए तो बाढ़ नहीं आया करती। पैसा पैसे को खींचता है। धनी और अधिक संपन्न हो रहे हैं। निर्धन और अधिक गरीब हो रहे हैं।

सभी जानते हैं कि रुपए में बड़ी ताकत है। गरीबी की रेखा के नीचे अपना जीवन यापन करने वाले भी इस फैक्ट को समझते हैं। वे ऊपर उठना चाहते हैं। गरीबी चांप देती है। ऐसों की औरतें गाती हैं- 'हमरे सैयां तो खूबै कमात हैं। महँगाई डायन खाए जात है।'

दिन-ब-दिन बढ़ती हुई महँगाई के इस कु-काल में अगर आदमी की जेब खाली हो तो फाँके की नौबत आ जाए। इसीलिए आज हर छोटा-बड़ा पैसे बटोरने की जुगत में लगा हुआ है। इस बात की किसे परवाह है कि वह आ किस रास्ते से रहा है? ईमानदारी गई तेल लेने। आज तो भ्रष्टाचारी अपने बदन में तेल लगाए मिलते हैं। मुट्ठियों में कसना चाहो तो सटाक-से सरक लें।

कुल मिलाकर इतना ही कहा जा सकता है कि धन से बढ़कर कुछ नहीं होता। यह जिसके पास होता है, वह तना रहता है। जिसके पास नहीं, वह घामड़ बना रहता है।

वेबदुनिया पर पढ़ें

Show comments

Mehmood Death Anniversary: जब हर फिल्म में महमूद की मौजूदगी बन जाती थी सफलता की गारंटी

टाइगर श्रॉफ और दिशा पाटनी: कभी थे बॉलीवुड के 'हॉट कपल', फिर ऐसा क्या हुआ जो टूट गया सालों का सीक्रेट रिश्ता?

अजय देवगन की 'चौहान' के टीज़र पर बवाल, मोहम्मद जीशान अय्यूब बोले- मेरी आवाज़ गलत संदर्भ में इस्तेमाल हुई

प्रभास बने देश के सबसे पसंदीदा स्टार, ऑरमैक्स रैंकिंग में हासिल किया पहला स्थान

'बंटवारा 1947' का नया गाना 'कहां चले गए हो राम' रिलीज, शबाना आज़मी की भावुक प्रार्थना ने जीता दिल

सभी देखें

बिकिनी पहन समंदर में उतरीं सनी लियोनी, बोल्ड लुक हुआ वायरल

पलक तिवारी के यूनिक लायन कॉर्सेट लुक पर फिदा हुए फैंस, देखिए एक्ट्रेस का बोल्ड अंदाज

शिमरी साड़ी में निक्की तंबोली ने ढाया कहर, डीपनेक ब्लाउज पहन लगाया बोल्डनेस का तड़का

45 साल की श्वेता तिवारी का कॉलेज गर्ल लुक, सिंपल अंदाज से जीता फैंस का दिल

क्या बॉलीवुड में कमबैक की तैयारी कर रहीं सेलिना जेटली? बोल्ड तस्वीरों से फिर मचाया तहलका