Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

फ्रेंडशि‍प डे पर कविता : सहेलियां जब मिलती हैं...

-शैली बक्षी खडकोतकर  
सहेलियां जब मिलती हैं...
हंसी तितलियों-सी उड़ती है
बातें झरने-सी झरती है
आंखें अनकहे राज़ सुनाती है
...सहेलियां जब मिलती हैं। 
हवा कुछ ज्यादा इठलाती है
रात जाने कौन-सी रागिनी गाती है
दीवारें धीमे-धीमे गुनगुनाती हैं
...सहेलियां जब मिलती हैं... 
 
चिरैयों-सी चहकती हैं
जूही-सी महकती हैं
रूठती-मनाती, ठुनकती हैं
...सहेलियां जब मिलती हैं।
 
दीवारें खामोशियां बुनती हैं
हवा भी चुप-सी गुज़र जाती है
हंसी किस बियावान में खो जाती है
....सहेलियां अब कम मिलती हैं। 
 
किसी रात जी भर बतियाती हैं
फिर जूही-चिरैया बन जाती है
बंद आंखों में रोशनी भर जाती है
...सहेलियां ख्वाबों में मिलती हैं... 

Show comments

सभी देखें

नशे की लत से उबरने के लिए कौनसी थेरेपी और कदम होते हैं सबसे असरदार

बारिश के मौसम में जरूर पिएं ये 5 हेल्दी ड्रिंक्स, शरीर को देंगे इम्युनिटी, एनर्जी और अंदरूनी गर्माहट

डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय, मच्छरों से ऐसे करें खुद की सुरक्षा

Hiccups Relief Tips: बार-बार हिचकी क्यों आती है? जानें कारण और आसान उपचार

बरसात के मौसम में ये 5 आसान योगासन कर सकते हैं आपकी इम्युनिटी की रक्षा

सभी देखें

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

घर की 'एनर्जी' बदल देंगी ये खास धूप, जानें किस धुएं में छिपा है क्या राज

Swami Vivekananda Quotes: स्वामी विवेकानंद के 11 अनमोल कथन, जो हमें ऊर्जा, आत्मविश्वास और सकारात्मकता से भर देंगे

पुण्यतिथि विशेष: स्वामी विवेकानंद का जीवन परिचय और खास बातें

क्या रूस में मोजतबा खामेनेई प्लास्टिक सर्जरी करवा रहे है, अयातुल्ला की अंतिम विदाई से रहस्यमयी अनुपस्थिति से उठे सवाल?

अगला लेख