FIFA WC 2018 : बेल्जियम फुटबॉल की सुनहरी पीढ़ी ने छोड़ी अपनी छाप

पुनः संशोधित शनिवार, 7 जुलाई 2018 (19:56 IST)
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सेंट पीटर्सबर्ग। अपने प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के कारण की दावेदार मानी जाती रही टीम ने शुक्रवार को 5 बार की चैंपियन को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश करने के साथ ही में अपनी मौजूदगी पूरी शिद्दत से दर्ज कराई है।


तिबाउत कोर्टोइस, केविन डे ब्रूइने, एडन हेजार्ड और रोमेलू लुकाकू की सुनहरी चौकड़ी को 4 साल पहले अर्जेंटीना ने यूरो 2016 में हरा दिया था। अब इन खिलाड़ियों के पास बड़ा अंतरराष्ट्रीय
टूर्नामेंट जीतने का सुनहरा मौका है। उसे सेमीफाइनल में फ्रांस को हराना होगा।

बेल्जियम का ट्रंप कार्ड उसके 6 फुट 6 इंच लंबे गोलकीपर कोर्टोइस साबित हुए हैं जिन्होंने नेमार एंड कंपनी को गोल करने से रोका। कोच राबर्टो मार्टिनेज की पहले आलोचना हो रही थी कि वे डि ब्रूइने से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं करा पा रहे लेकिन स्पेनिश कोच की रणनीति ब्राजील के खिलाफ कारगर साबित हुई।

कप्तान एडन हेजार्ड लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं लुकाकू गोल मशीन ही नहीं बल्कि पूरी नस्ल को प्रेरित करने वाले खिलाड़ी हैं। हैरी केन के बाद 'गोल्डन बूट' की दौड़ में शामिल

लुकाकू ने जापान के खिलाफ करिश्माई प्रदर्शन किया। ब्राजील के खिलाफ भी उन्होंने प्लेमेकर की भूमिका बखूबी निभाई। (भाषा)



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