Live Updates : किसान कानूनों को स्थगित नहीं, रद्द कराना चाहते हैं, आज 11वें दौर की बात

Last Updated: शुक्रवार, 22 जनवरी 2021 (12:49 IST)
नई दिल्ली। कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों और सरकार के बीच आज 11वें दौर की वार्ता। गुरुवार को किसान संगठनों की बैठक में सरकार के डेढ़ साल तक कानून के अमल को रोकने संबंधी प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। किसान आंदोलन से जुड़ी हर जानकारी...

10:52AM, 22nd Jan
-सिंघू बॉर्डर से आंदोलनस्थल की ओर रवाना हुए किसान नेता।
-किसान कानूनों को स्थगित नहीं, रद्द कराना चाहते हैं किसान।
09:35AM, 22nd Jan
-किसान नेता योगेंद्र यादव ने साफ किया कि रैली 26 जनवरी को दिल्ली के अंदर ही होगी।
-किसान चाहते हैं कि ट्रैक्टर रैली 26 जनवरी को राजधानी दिल्ली के अंदर आउटर रिंग रोड पर हो, जबकि पुलिस का कहना है कि आप ट्रैक्टर रैली दिल्ली के अंदर ना करके कहीं बाहर कर ले।
08:53AM, 22nd Jan
-प्रदर्शनकारी किसान संगठनों के नेताओं के साथ 11वें दौर की महत्वपूर्ण वार्ता के एक दिन पहले कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने गुरुवार रात भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। 
08:24AM, 22nd Jan
-दोपहर 12 बजे सरकार और किसान संगठनों के बीच 11वें दौर की वार्ता। 
-प्रदर्शनकारी किसानों ने खारिज किया सरकार का प्रस्ताव, MSP गारंटी की पुरानी मांग पर अड़े।
-26 जनवरी को दिल्ली में ट्रेक्टर मार्च पर भी अड़े हुए हैं किसान।
-आज एक बार फिर इस मामले में दिल्ली पुलिस और सरकार के बीच बैठक।
08:24AM, 22nd Jan
-किसानों के आंदोलन और गणतंत्र दिवस ट्रैक्टर रैली निकालने की उनकी योजना के मद्देनजर हरियाणा पुलिस ने अपने कर्मियों की छुट्टियां अगले आदेश तक निरस्त करने का निर्णय लिया है।
-हरियाणा पुलिस के आदेश के अनुसार, 'राज्य में किसान आंदोलन को देखते हुए आपातकालीन अवकाश को छोड़कर सभी छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द की जाती हैं।'
-केंद्र के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों ने 26 जनवरी को दिल्ली के आउटर रिंग रोड पर ट्रैक्टर रैली निकालने की योजना बनाई है।
08:24AM, 22nd Jan
-सुप्रीम कोर्ट की ओर से कृषि सुधार कानूनों को लेकर गठित समिति की गुरुवार को यहां बैठक हुई। इसमें 10 किसान संगठनों ने हिस्सा लिया और कानूनों के बेहतर ढंग से कार्यान्वयन के लिए अपने सुझाव दिए।
-सरकार के डेढ़ साल तक कृषि कानून रद्द के लिए जाने के प्रस्ताव को संगठनों ने अस्वीकार कर दिया।
-बैठक में समिति के सदस्य अनिल घनवत, अशोक गुलाटी और प्रमोद जोशी ने हिस्सा लिया। 
-कर्नाटक, केरल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना तमिलनाडु और उत्तरप्रदेश के किसान संगठनों ने हिस्सा लिया। इन कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान संगठनों ने इस समिति में शामिल होने से इंकार किया है।
08:23AM, 22nd Jan
-सरकार और किसान यूनियन के बीच 10वें दौर की बातचीत के बाद कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कुछ समय के लिए कृषि सुधार कानूनों को स्थगित किया है। सरकार 1-1.5 साल तक भी कानून के क्रियान्वयन को स्थगित करने के लिए तैयार है।
-किसान नेताओं ने प्रस्ताव पर जवाब देने के लिए मांगा 22 जनवरी तक का समय।



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