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श्रावण पुत्रदा पवित्रा एकादशी की 11 शुभ बातें

श्रावण पुत्रदा पवित्रा एकादशी की 11 शुभ बातें 
 
1. श्रावण महीने की इस शुक्ल पक्ष की एकादशी को पवित्रा एकादशी भी कहते हैं। धर्मशास्त्रों में इसका नाम पुत्रदा एकादशी भी बताया गया है। इस व्रत कथा को पढ़ने तथा इसके माहात्म्य को सुनने से मनुष्य सब पापों से मुक्त हो जाता है और इस लोक में संतान सुख भोगकर परलोक में स्वर्ग को प्राप्त होता है।
 
2. एकादशी तिथि भगवान विष्णु को प्रिय होती है। इस दिन पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है तथा सुयोग्य संतान प्राप्ति के योग बनते हैं।
 
3. पानी में गंगा जल डालकर नहाना चाहिए।
 
4. पुत्रदा एकादशी के पावन दिन व्रत अवश्य रखें। इस दिन श्री विष्णु और मां लक्ष्मी के पूजन से जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होती है।
 
5. एकादशी की रात्रि में भगवान श्री विष्णु का भजन-कीर्तन अवश्य करें। इस व्रत से संतान प्राप्ति के साथ ही सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
 
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6. इस दिन किसी के प्रति अपशब्दों का प्रयोग नहीं करें, क्रोध न करें, किसी का बुरा न सोचें और ना ही बुरा करें। सभी के प्रति आदर-सत्कार की भावना रखें।  
 
7. इस दिन सात्विक भोजन करें, मांस-मदिरा का सेवन नहीं करें। एकादशी के दिन ब्रह्मचर्य व्रत पालन करें।
 
8. अपने सामर्थ्य के अनुसार एकादशी पर शुभ सामग्री अर्पित करें- पीले फूल, पानी वाला नारियल, मीठा पान, पूजा सुपारी, साबूत लौंग, मौसमी फल आदि।
 
9.भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का ही भोग लगाया जाता है, प्रसाद चढ़ाते समय तुलसी शामिल करें। बिना तुलसी के भगवान विष्णु भोग या प्रसाद ग्रहण नहीं करते हैं। 
 
10. इस पूरे दिन निराहार रहकर सायंकाल कथा सुनने के पश्चात ही फलाहार करें। आपकी कोई विशेष इच्छा हो तो भगवान से उसे पूर्ण करने का निवेदन करें।
 
11. पुत्रदा एकादशी के दिन भगवान को भोग लगाने के बाद ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देने के पश्चात ही भोजन ग्रहण करें। 

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