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7 अप्रैल 2021 को है पापमोचिनी एकादशी, व्रत रखने के 10 फायदे

Updated: सोमवार, 5 अप्रैल 2021 (14:59 IST)
माह में 2 एकादशियां होती हैं अर्थात आपको माह में बस 2 बार और वर्ष के 365 दिनों में मात्र 24 बार ही नियमपूर्वक एकादशी व्रत रखना है। हालांकि प्रत्येक तीसरे वर्ष अधिकमास होने से 2 एकादशियां जुड़कर ये कुल 26 होती हैं। चैत्र माह में कामदा और पापमोचिनी एकादशी आती है। कामदा से राक्षस आदि की योनि से छुटकारा मिलता है और यह सर्वकार्य सिद्धि करती है। इस साल पापमोचिनी एकादशी 07 अप्रैल 2021 दिन बुधवार को है। आओ जानते हैं पापमोचिनी एकादशी व्रत के बारे में।
 
 
चैत्र माह में पापमोचिनी एकादशी ( papmochani ekadashi 2021 ) का व्रत किया जाता है। पुराणों के अनुसार जो व्यक्ति एकादशी करता रहता है, वह जीवन में कभी भी संकटों से नहीं घिरता और उसके जीवन में धन और समृद्धि बनी रहती है। पापमोचनी एकादशी के दिन किसी की निंदा और झूठ बोलने से बचना चाहिए।
 
1. पापमोचिनी एकादशी व्रत करने से सभी तरह के संकटों से मुक्ति मिलती है। एकादशी तिथि को जागरण करने से कई गुना पुण्य भी मिलता है।
 
2. इस एकादशी का विधिवत व्रत करने से सभी तरह के पापों का नाश हो जाता है और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
 
3. इस एकादशी का व्रत रखने से वाजपेय और अश्‍वमेध यज्ञ का फल मिलता है और हर कार्य में सफलता मिलती है।
 
4. पापमोचिनी एकादशी व्रत रखने के महत्व के बारे में भगवान श्रीकृ्ष्ण अर्जुन से कहते हैं कि जो व्यक्ति इस व्रत को रखता है, उसके समस्त पाप खत्म हो जाते हैं और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है।
 
5. मान्यता है कि एकादशी व्रत को विधि-विधान से रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
 
6. इस एकादशी पर भगवान विष्णु की पीले फुलों से पूजा करने से भक्त पर उनकी कृपा बरसती है।
 
7. इस दिन नवग्रहों की पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। इससे चंद्रदोष समाप्त हो जाता है।
 
8. इस एकादशी का व्रत रखने से मन और मस्तिष्क के सभी बुरे विचार समाप्त होकर मन निर्मल बन जाता है।
 
9. विकट से भी विकट स्थिति में भी यदि यह व्रत रख लिया तो श्रीहरि विष्णु की कृपा से तुरंत ही संकटों का समाधान होता है।
 
10. इस व्रत को करने से ब्रह्महत्या, स्वर्ण चोरी, मदिरापान, अहिंसा और भ्रूणघात समेत अनेक घोर पापों के दोष से मुक्ति मिलती है।
 
पापमोचनी एकादशी व्रत मुहूर्त-
- एकादशी तिथि प्रारम्भ- 07 अप्रैल 2021 सुबह 02:09 बजे से प्रारंभ।
- एकादशी तिथि समाप्त- 08 अप्रैल 2021 को सुबह 02:28 बजे तक।
- व्रत पारण का समय- 08 अप्रैल 2021 दोपहर 01:39 से शाम 04:11 तक।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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