dharma sangrah

आमलकी एकादशी के दिन करें ये 5 शुभ कार्य, होगा धनलाभ

Updated: गुरुवार, 2 मार्च 2023 (09:01 IST)
1. आमलकी एकादशी के दिन श्रीहरि विष्णु को एकाक्षी नारियल अर्पित करें और फिर पूजा करने के बाद एकाक्षी नारियल को एक पीले कपड़े में बांधकर अपने पास रख लें। इससे सुख-समृद्धि बढ़ती है। या एक साफ-स्वच्छ पीला वस्त्र बिछाएं और उस पर कुछ आंवले रखें। इसके बाद उस पर लाल सिंदूर लगाएं, पेठा चढ़ाएं और धूप-दीप जलाकर पूजा करें। फिर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जाप करें। इसके बाद उस पीले कपड़े में आंवले लपेटकर घर की तिजोरी में रख दें।
 
2. एकादशी के दिन आंवले के वृक्ष की नौ परिक्रमा करने तथा आंवले का सेवन करने से सौभाग्य और अच्छे स्वास्थ्य के योग बनते हैं। इतना ही नहीं धनलाभ के नए रास्ते भी खुलते हैं।
 
3. इस दिन शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण तथा लक्ष्मी-नारायण के साथ होली खेलकर उन्हें रंग, गुलाल अर्पित करके सर्वसुखों तथा अपार धनलाभ की कामना तथा प्रार्थना करने से जीवन में शुभ संयोग का निर्माण होता है तथा जीवन के कष्ट दूर होकर मनुष्य धनवान बनता है। 
 
4. एकादशी के दिन भगवान श्री विष्णु पर पीले रंग के 21 ताज़ा फूलों से तैयार की गई एक माला चढ़ाएं। आंवले के वृक्ष के तने पर 7 बार सूत का धागा लपेटें और घी का दीया जलाएं, इससे श्रीविष्‍णु तथा माता लक्ष्मी प्रसन्न होकर धनवान बनने का आशीष देती है। नरसिंह भगवान को खोए से बनी मिठाई का भोग लगाएं। ऐसा करने से विवाह में आ रही अड़चने दूर होती है।
 
5. एकादशी की रात्रि में श्री विष्णु जी के समक्ष 9 रुई की बत्तियों का दीपक जलाने से शिव-पार्वती तथा विष्णु-लक्ष्मी से अपार धन का आशीर्वाद मिलता हैं।


 

Show comments

सभी देखें

गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद

गुंडिचा मंदिर क्यों है जगन्नाथ रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव? जानिए 5 खास बातें

भगवान जगन्नाथ की मौसी कौन हैं? जानिए रथयात्रा से जुड़ी यह रोचक परंपरा

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

सभी देखें

21 July Birthday: आपको 21 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 21 जुलाई 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

27 जुलाई से शनि होंगे वक्री: 11 दिसंबर तक इन 5 राशियों पर बढ़ सकती हैं मुश्किलें, जानें आपकी राशि शामिल है या नहीं

Ashadhi Ekadashi Date 2026: आषाढ़ी एकादशी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

देवशयनी एकादशी 2026: कब है शुभ मुहूर्त? जानें चातुर्मास की शुरुआत और भगवान विष्णु को शयन कराने की सही विधि

अगला लेख