Hanuman Chalisa

कुल्लू के दशहरे से जुड़ी प्रचलित कहानियां

Updated: बुधवार, 5 अक्टूबर 2016 (16:56 IST)
कुल्लू में विजयादशमी का पर्व मनाने की परंपरा राजा जगत सिंह के समय से मानी जाती है।


 

कुल्लू के दशहरे को लेकर एक कथा प्रचलित है जिसके अनुसार एक साधु की सलाह पर राजा जगत सिंह ने कुल्लू में भगवान रघुनाथजी की प्रतिमा की स्थापना की। उन्होंने अयोध्या से एक मूर्ति लाकर कुल्लू में रघुनाथजी की स्थापना करवाई थी। 
 
कहते हैं कि राजा जगत सिंह किसी रोग से पीड़ित थे अत: साधु ने उसे इस रोग से मुक्ति पाने के लिए रघुनाथजी की स्थापना की सलाह दी। उस अयोध्या से लाई गई मूर्ति के कारण राजा धीरे-धीरे स्वस्थ होने लगा और उसने अपना संपूर्ण जीवन एवं राज्य भगवान रघुनाथ को समर्पित कर दिया।
 
एक अन्य किंवदंती के अनुसार जब राजा जगतसिंह को पता चलता कि मणिकर्ण के एक गांव में एक ब्राह्मण के पास बहुत कीमती रत्न है, तो राजा के मन में उस रत्न को पाने की इच्छा उत्पन्न होती है और वह अपने सैनिकों को उस ब्राह्मण से वह रत्न लाने का आदेश देता है। 
 
सैनिक उस ब्राह्मण को अनेक प्रकार से सताते हैं अत: यातनाओं से मुक्ति पाने के लिए वह ब्राह्मण परिवार समेत आत्महत्या कर लेता है, परंतु मरने से पहले वह राजा को श्राप देकर जाता है और इस श्राप के फलस्वरूप कुछ दिन बाद राजा का स्वास्थ्य बिगड़ने लगता है। 
 
तब एक संत राजा को श्रापमुक्त होने के लिए रघुनाथजी की मूर्ति लगवाने को कहता है और रघुनाथजी की इस मूर्ति के कारण राजा धीरे-धीरे ठीक होने लगता है। राजा ने स्वयं को भगवान रघुनाथ को समर्पित कर दिया था तभी से यहां दशहरा पूरी धूमधाम से मनाया जाने लगा।

 

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

बुध का कन्या राशि में गोचर: मेष से मीन तक 12 राशियों पर क्या होगा असर? जानें पूरा राशिफल

04 September Birthday: आपको 04 सितंबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (04 सितंबर, 2026)

कब है संतान सप्तमी, कैसे करते हैं व्रत और पूजा का क्या है शुभ मुहूर्त

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 04 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

अगला लेख